आदित्यपुर : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के निर्देश पर आज आदित्यपुर के आर.आई.टी. (RIT) थाना क्षेत्र में एक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति पर लगाम लगाना और नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचपन प्रदान करना था।



छापेमारी में इन प्रतिष्ठानों में मिली बाल श्रमिक की मौजूदगी
जिला प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग की संयुक्त टीम ने एन.आई.टी. रोड और अंबेडकर चौक के आसपास औचक निरीक्षण किया। इस दौरान:
- रोहित स्वीट्स (एन.आई.टी. रोड): यहाँ से 2 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
- अंबेडकर चौक स्थित वॉशिंग सेंटर: यहाँ से 2 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया।
रेस्क्यू किए गए सभी 4 बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सुपुर्द किया गया, जिन्होंने बाद में बच्चों को उनके परिजनों के घर वापस भेज दिया। वहीं, संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए उन पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
“कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा” – सैयद आयाज़ हैदर
इस अभियान में मुख्य रूप से शामिल बाल कल्याण समिति के सदस्य सैयद आयाज़ हैदर ने चेतावनी देते हुए कहा, “14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना न केवल अनैतिक है, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध भी है। सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठान मालिकों को निर्देश दिया जाता है कि वे बाल श्रम निषेध से संबंधित जानकारी अपने संस्थानों में प्रदर्शित करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
संयुक्त टीम में इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में निम्नलिखित अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही:
- श्रम विभाग: एल.ई.ओ. रूबी कुमारी।
- बाल कल्याण समिति: सैयद आयाज़ हैदर।
- चाइल्ड हेल्प लाइन: कविता मिश्रा, समीर कुमार महतो, सुखरंजन कुमार, बिट्टू प्रजापति।
- युवा संस्था: मुकेश कुमार पाण्डेय।
- पुलिस प्रशासन: आर.आई.टी. थाना के आनंद कुमार एवं उनकी पेट्रोलिंग टीम।
[लोकतंत्र सवेरा ] की अपील: बाल श्रम के खिलाफ इस जंग में आपका सहयोग आवश्यक है। यदि आप अपने आस-पास किसी नाबालिग बच्चे को काम करते देखते हैं, तो तुरंत चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 पर सूचना दें।



