रांची : झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान द्वारा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के समक्ष उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने संबंधित विभागों और संस्थानों को आवश्यक कदम उठाने तथा प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।



हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय बैठक में हिदायतुल्लाह खान ने झारखंड सहित देशभर के अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कई अहम विषयों को प्रमुखता से उठाया था। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा था। मंत्रालय द्वारा 11 जून 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) के बाद इन मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद बढ़ गई है।
रांची से हज उड़ान शुरू करने की मांग…..
ज्ञापन में कोविड-19 महामारी के बाद से बंद रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से जेद्दा (सऊदी अरब) के लिए हज उड़ानों का संचालन पुनः शुरू करने की मांग की गई है। वर्तमान में झारखंड के हज यात्रियों को कोलकाता से यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मांग पूरी होने पर राज्य के हजारों हज यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
सीबीएसई स्कूलों में उर्दू को तृतीय भाषा बनाने की मांग…..
हिदायतुल्लाह खान ने सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक उर्दू भाषी विद्यार्थियों के लिए उर्दू को तृतीय भाषा के रूप में शामिल करने की मांग भी उठाई है। मंत्रालय द्वारा संबंधित विभागों को पत्र भेजे जाने के बाद इस दिशा में प्रगति की संभावना बढ़ गई है।
पीएमजेवीके योजनाओं की होगी समीक्षा…..
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने तथा बजट उपयोग की समीक्षा की मांग भी की गई है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
15 सूत्री कार्यक्रम की निगरानी पर जोर…..
ज्ञापन में प्रधानमंत्री के नवीन 15 सूत्री कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए गठित समितियों के नियमों के अनुपालन संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक बेहतर ढंग से पहुंच सके।
शैक्षणिक संस्थानों को मिलेगा लाभ…..
अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा संचालित विद्यालयों को अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा देने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। इससे राज्य के कई शैक्षणिक संस्थानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
भाषाई अधिकारों की गारंटी की मांग…..
संविधान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का हवाला देते हुए विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू एवं अन्य मातृभाषाओं में शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार की प्रभावी गारंटी सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना लक्ष्य : हिदायतुल्लाह खान…..
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल मांगें उठाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अल्पसंख्यक समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकार और सुविधाएं प्राप्त हों। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार और संबंधित विभाग इन मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे, जिससे झारखंड के लाखों अल्पसंख्यक नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह पहल केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों, शिक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके सकारात्मक परिणाम निकट भविष्य में देखने को मिल सकते हैं।



