जमशेदपुर : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी महेंद्र कुमार पांडेय ने बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को गंभीर एवं चिंताजनक मामला बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है. जारी बयान में श्री पांडेय ने कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, जैसा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दावा किया जा रहा है, तो उसके बाद उसे गोली मारना कानून और न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, न कि उसे कानून हाथ में लेकर दंडित किया जाए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और कथित फर्जी मुठभेड़ों के लिए कोई स्थान नहीं है। ऐसे मामलों से आम लोगों का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने बिहार सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की. महेंद्र पांडेय ने कहा कि युवाओं को अपराध की राह से बचाकर मुख्यधारा से जोड़ना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। यदि किसी आरोपी ने आत्मसमर्पण किया है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी परिवार से उसके बेटे को इस प्रकार खो देना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।
उन्होंने मांग की कि दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी वर्दीधारी कानून से ऊपर समझकर इस प्रकार की कार्रवाई करने का साहस न कर सके।
