जमशेदपुर : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर कुछ हिंदू छात्रों के कलावा (मौली) काटे जाने की शिकायतों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ा विरोध जताया है। विहिप के सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह ने इसे सनातन धर्म की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।


जारी प्रेस विज्ञप्ति में अरुण सिंह ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा एवं जांच प्रक्रिया का संगठन विरोध नहीं करता, लेकिन धार्मिक आस्था के प्रतीक कलावा को जबरन हटाना या काटना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में विभिन्न संस्थानों, कंपनियों और कुछ सरकारी प्रतिष्ठानों में तिलक लगाने तथा कलावा धारण करने को लेकर आपत्तियां जताने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसी मानसिकता को उन्होंने सनातन परंपराओं के प्रति असहिष्णु बताते हुए इसकी निंदा की।
अरुण सिंह ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद इस मुद्दे को लेकर संबंधित परीक्षा अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराएगी। उन्होंने मांग की कि भविष्य में परीक्षा केंद्रों पर जांच प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
विहिप नेता ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करने पर विचार करेगा।
“यह जानकारी विश्व हिंदू परिषद के प्रचार-प्रसार विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।”
