लोकतंत्र सवेरा/जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डीडी पब में हुई हिंसक घटना में गंभीर रूप से घायल प्रत्यूष आनंद के इलाज के बीच उसके पिता एवं भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता की भावुक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है। पोस्ट में उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों पर कठिन समय में साथ नहीं देने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है।

कार्यकर्ता ने लिखा है कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी को अपना परिवार मानकर तन, मन और धन से संगठन की सेवा की। चुनावी अभियानों से लेकर विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रमों तक हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया, लेकिन जब उनका पुत्र गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा है, तब पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता या पदाधिकारी ने उनका हालचाल तक जानना उचित नहीं समझा।
उन्होंने दावा किया कि डीडी पब में हुई घटना के दौरान तथा उसके बाद भी उनके पुत्र के साथ मारपीट की गई। फिलहाल प्रत्यूष आनंद का इलाज जारी है और बेहतर चिकित्सा के लिए परिवार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में परिवार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से भारी दबाव का सामना कर रहा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वर्षों की निष्ठा और समर्पण का यही प्रतिफल है? क्या कार्यकर्ता केवल तब तक महत्वपूर्ण होता है, जब तक वह संगठन के लिए कार्य करता रहे? उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पोस्ट का उद्देश्य किसी प्रकार का राजनीतिक लाभ लेना या विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि एक पीड़ित पिता की भावनाओं को सामने रखना है।
उन्होंने भगवान से अपने पुत्र प्रत्यूष आनंद के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि इस समय उनके परिवार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बेटे का जीवन बचाना है।
उल्लेखनीय है कि डीडी पब में हुई घटना के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी जारी है। इसी बीच भाजपा कार्यकर्ता की यह भावुक पोस्ट संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और कठिन समय में नेताओं की भूमिका को लेकर नई चर्चा का कारण बन गई है।
हालांकि, इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के संबंधित नेताओं या पदाधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

