जमशेदपुर : कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने, डराने-धमकाने और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने ईएसआईसी के निदेशक को ई-मेल भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि ईएसआईसी के पूर्व शाखा प्रबंधक सचिता कुमार ने कथित रूप से एक सहकर्मी के माध्यम से लंबित शिकायत वापस लेने का संदेश भिजवाया। शिकायत में कहा गया है कि शिकायत वापस नहीं लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। शिकायतकर्ता ने संबंधित मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल (सीडीआर) की जांच कराने की मांग भी की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रवि शंकर ने बिना किसी स्पष्ट आधिकारिक कारण के शिकायतकर्ता के कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसे शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने और प्रतिशोधात्मक कार्रवाई के प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में कहा है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा है जो किसी सरकारी विभाग के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। यदि शिकायतकर्ताओं को शिकायत करने के बाद भय, दबाव या उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो इससे शिकायत निवारण प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. फिलहाल मामले में ईएसआईसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायतकर्ता ने निदेशक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

