जमशेदपुर : केबुल कम्पनी (इंकैब) से प्रभावित कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को न्यू केबुल टाउन सामुदायिक भवन मैदान में आयोजित हुई। बैठक में कर्मचारियों के हितों की रक्षा, लंबित कानूनी मामलों तथा आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अपने न्यायोचित अधिकारों की प्राप्ति तक संघर्ष जारी रहेगा. बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेशों के विरुद्ध अपील दायर की जा चुकी है तथा इससे संबंधित कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसके अलावा कंपनी के परिसमापन (लिक्विडेशन) से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि परिसमापन प्रक्रिया के दौरान श्रमिकों के हितों का समुचित मूल्यांकन नहीं किया गया। बैठक में मांग की गई कि सभी प्रभावित कर्मचारियों का बकाया भुगतान ब्याज सहित किया जाए। साथ ही जिन कर्मचारियों की नौकरी समाप्त हो गई है, उन्हें उचित मुआवजा एवं रोजगार से संबंधित आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की कानूनी लड़ाई को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने तथा आगामी रणनीति तय करने के लिए शीघ्र ही पुनः बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. बैठक में मुख्य रूप से पूर्वी जमशेदपुर के पूर्व प्रत्याशी एवं समाजसेवी शिव शंकर सिंह, डॉ. बी.बी. महतो, यू.के. शर्मा, कल्याण शाही, रामरेखा सिंह, राजेश सिंह, राधे प्रसाद, राहुल सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में केबुल कम्पनी के प्रभावित कर्मचारी उपस्थित थे।

