नई दिल्ली : भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने देश में पहली डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। जापान की प्रमुख दवा कंपनी टाकेडा द्वारा विकसित यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को लगाई जा सकेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, इस वैक्सीन को लगवाने से पहले किसी प्रकार के प्री-वैक्सीनेशन टेस्ट की आवश्यकता नहीं होगी। चाहे किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ हो या नहीं, वह इस वैक्सीन का लाभ ले सकता है. क्लीनिकल अध्ययनों के मुताबिक, क्यूडेंगा डेंगू के खिलाफ 80.2 प्रतिशत तक प्रभावी है। साथ ही यह गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को 84.1 से 90.4 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम है।

डेंगू मच्छरों से फैलने वाला एक वायरल संक्रमण है, जो हर वर्ष लाखों लोगों को अपनी चपेट में लेता है। भारत उन देशों में शामिल है, जहां डेंगू के मामलों की संख्या सबसे अधिक रहती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैक्सीन की उपलब्धता से डेंगू की गंभीरता और इससे होने वाली मौतों में कमी लाने में मदद मिलेगी. गौरतलब है कि क्यूडेंगा को वर्ष 2022 से अब तक 43 देशों में उपयोग की मंजूरी मिल चुकी है। भारत में इसकी स्वीकृति को सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

