पिता ने न्यायालय को बताया…. ‘अगर मैं नहीं बचा तो सभी आरोपियों को सजा दिलवाइए’…. प्रत्यूष को अब तक दोस्त की मौत की जानकारी नहीं
जमशेदपुर : करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में बिष्टुपुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण कड़ी हाथ लगी है। पुलिस ने मृतक हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह का न्यायालय में बयान दर्ज कराया है। बयान में उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन थिएटर में ले जाए जाने से पहले गंभीर रूप से घायल हिमांशु ने हमलावरों के नाम लेते हुए दोषियों को सजा दिलाने की बात कही थी। इस बयान को पुलिस मामले में अहम साक्ष्य के रूप में देख रही है।

अरविंद सिंह ने कोर्ट को बताया कि ऑपरेशन से पहले हिमांशु ने उनसे कहा था कि नीरज सिंह, उसके मैनेजर, सोनू मंडल, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल टुलू समेत अन्य आरोपियों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ना है। हिमांशु ने यह भी कहा था कि यदि वह बच गया तो स्वयं बदला लेगा और यदि उसकी मौत हो गई तो परिवार सभी दोषियों को सजा दिलाए. उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि हिमांशु ने बताया था कि सोनू, बोदरा, राहुल तथा अन्य लोगों ने उस पर जानलेवा हमला किया और पुलिस जीप तक खींचकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।
एक माह बाद घर लौटा प्रत्यूष, दोस्त की मौत से अब भी अनजान…….
हत्याकांड में गंभीर रूप से घायल प्रत्यूष करीब एक माह तक चले इलाज के बाद अपने आदित्यपुर स्थित घर लौट आया है। चिकित्सकों की सलाह पर उसे अब तक यह नहीं बताया गया है कि उसके दोस्त हिमांशु सिंह की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का मानना है कि ऐसी जानकारी मिलने से उसे गहरा मानसिक आघात लग सकता है. परिजनों ने डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए प्रत्यूष का मोबाइल फोन भी उससे दूर रखा है, ताकि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से उसे घटना की जानकारी न मिल सके। उसकी देखभाल के लिए घर पर 24 घंटे नर्स और केयरटेकर की व्यवस्था की गई है। पिता दीपक सिंह और चाचा चंदन सिंह स्वयं भी लगातार उसकी देखभाल कर रहे हैं। चिकित्सकों ने हर 15 दिन पर कोलकाता ले जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है।
प्रत्यूष का दावा— बार में विवाद के बाद बुलाए गए थे लोग…….
प्रत्यूष के अनुसार, 27 जून की रात वह हिमांशु सिंह के साथ डीडी बार गया था। वहां डांस फ्लोर पर सोनू मंडल और विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा के साथ विवाद हुआ। बाद में मामला बढ़ गया। उसका आरोप है कि बार के मैनेजर ने मालिक नीरज सिंह को फोन कर लोगों को बुलाया, जिसके बाद हमला किया गया. प्रत्यूष ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में राहुल टुलू और उसके साथियों ने उस पर चाकू से कई वार किए। वहीं हिमांशु को पुलिस जीप की ओर ले जाया गया, जहां भी उसके साथ मारपीट की गई।
‘चलो घर चलते हैं…’
प्रत्यूष ने बताया कि घटना के दौरान जब दोनों सड़क पर घायल पड़े थे, तब उसने हिमांशु से कहा था, “चलो घर चलते हैं, परिवारवालों को क्या जवाब देंगे।” लेकिन इसके कुछ ही समय बाद हालात और बिगड़ गए। बाद में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई।
परिवार की मांग— सभी आरोपियों को मिले कड़ी सजा…….
प्रत्यूष के चाचा चंदन सिंह ने कहा कि परिवार को किसी आर्थिक सहायता की आवश्यकता नहीं है। उनकी एकमात्र मांग है कि मामले में नामजद चार शूटरों, बार संचालक, मैनेजर सहित सभी 16 आरोपियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाती है तो परिवार पुलिस प्रशासन के प्रयासों का सम्मान करेगा।
