जमशेदपुर। झारखंड विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा व्यापारियों को लेकर की गई टिप्पणी पर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कार्यकारिणी सदस्य एवं युवा व्यवसायी सन्नी संघी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा करते हुए इसे पूरे व्यापारी समाज के लिए अपमानजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

सन्नी संघी ने कहा कि विधानसभा जैसे गरिमामय लोकतांत्रिक मंच से पूरे व्यापारी वर्ग को कथित तौर पर ‘‘नोटों के बंडल रखने वाला’’ और ‘‘लोकतंत्र खरीदने वाला’’ बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी से न केवल व्यापारियों की भावनाएं आहत होती हैं, बल्कि राज्य में व्यापार और निवेश के माहौल पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। व्यापारी नियमित रूप से सरकार को करों का भुगतान करते हैं और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। प्राकृतिक आपदा, महामारी और अन्य कठिन परिस्थितियों में भी व्यापारी समाज ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए जरूरतमंदों की सहायता की है।
संघी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ भ्रष्टाचार या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि के ठोस प्रमाण हैं तो सरकार को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति के कथित कृत्य के आधार पर पूरे व्यापारी समाज को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए व्यापारी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में किसी भी वर्ग के प्रति ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करने का आश्वासन दें। उन्होंने कहा कि सरकार और व्यापारी समाज के बीच सकारात्मक एवं सम्मानजनक संवाद राज्य के आर्थिक विकास के लिए जरूरी है।
