रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित धांधली के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक (PA) बीएन राम को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, बीएन राम पर JPSC इंटरव्यू मैनेज कराने के नाम पर कथित तौर पर 40 लाख रुपये वसूलने का आरोप है. CID की इस कार्रवाई को मामले में अहम सफलता माना जा रहा है। बीएन राम की गिरफ्तारी के साथ ही JPSC परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 22 तक पहुंच गई है।

जांच एजेंसी को आशंका है कि इंटरव्यू में कथित हेरफेर के नाम पर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम की मांग और वसूली की गई थी। इसी कड़ी में बीएन राम की भूमिका की जांच की जा रही है। CID गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है.गौरतलब है कि अजिता भट्टाचार्य JPSC की पूर्व सदस्य रही हैं। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं। मामले में उनकी भूमिका और उनसे जुड़े लोगों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में रही हैं।
JPSC परीक्षा धांधली मामले में CID लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर रकम वसूली का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। बीएन राम की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मामले से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
