जमशेदपुर : अपराधियों और संगठित गिरोहों की आर्थिक जड़ पर प्रहार करने के लिए जमशेदपुर पुलिस ने अब बड़ा प्लान तैयार किया है। पुलिस अपराध की दुनिया से जुड़े लोगों की चल और अचल संपत्तियों का पूरा हिसाब खंगालेगी। संपत्ति कहां से आई, किसके नाम है और उसकी खरीद का स्रोत क्या है. जांच के दौरान इन तमाम पहलुओं की पड़ताल की जाएगी. एसएसपी डॉ. एतेशाम वकारिब ने स्पष्ट किया है कि अखिलेश सिंह गिरोह और उसके विरोधी गणेश सिंह गिरोह से जुड़े अपराधियों की संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। पुलिस की नजर अपराध से अर्जित धन से बनाई गई जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियों पर रहेगी।

अपराध की कमाई पर पुलिस का सीधा वार…..
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराध पर लगाम लगाने के साथ-साथ अपराधियों की आर्थिक ताकत को खत्म करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत गिरोह से जुड़े सदस्यों की संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी. जांच में यदि किसी अपराधी के पास अपराध से अर्जित संपत्ति होने की पुष्टि होती है तो कानून के प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मकसद साफ है—अपराध की कमाई से खड़ी की गई सल्तनत पर सीधा प्रहार।
गिरोहों के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी…….
पुलिस अब सिर्फ वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके आर्थिक नेटवर्क और संपत्ति के स्रोत तक पहुंचने की तैयारी में है। संपत्ति जांच के जरिए गिरोहों को मिलने वाले आर्थिक सहयोग और अपराध से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल की जा सकती है. पुलिस के इस कदम से संगठित अपराध से जुड़े लोगों में हड़कंप मचने की उम्मीद है। संदेश साफ है—अपराध करेंगे तो कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक नहीं रुकेगी, अपराध की कमाई पर भी पुलिस का शिकंजा कसेगा।
