भागलपुर : देशभर में चुनाव लड़ने के जुनून और अपने अनोखे रिकॉर्ड के कारण ‘धरती पकड़’ के नाम से मशहूर समाजसेवी नागरमल बाजोरिया का गुरुवार सुबह पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 97 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई. नागरमल बाजोरिया ने अपने जीवन में 284 बार चुनाव लड़ा, लेकिन किसी भी चुनाव में उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। उन्होंने ग्राम पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा चुनाव तक अपनी किस्मत आजमाई। इतना ही नहीं, उन्होंने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में भी 17 बार अपनी दावेदारी पेश की थी. चुनाव दर चुनाव मैदान में उतरने के बावजूद हार से कभी निराश नहीं हुए। चुनाव लड़ने के उनके जुनून और लगातार सक्रियता ने उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई। इसी वजह से लोग उन्हें ‘धरती पकड़’ के नाम से पुकारने लगे।

लाहौर में हुआ था जन्म……
नागरमल बाजोरिया का जन्म पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। बाद में उनका परिवार भागलपुर आकर बस गया। सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाले बाजोरिया ने अपने पीछे चार पुत्रों और एक पुत्री समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ा है. पटना में निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर भागलपुर लाया जाएगा। शुक्रवार को एमपी द्विवेदी रोड स्थित उनके आवास से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य लोग अंतिम यात्रा में शामिल होंगे।
