हाइड्रेशन ड्रिंक के नाम पर ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे 1074.6 लीटर शराब, 1100 पेटी ORS भी जब्त, समस्तीपुर के कनेक्शन की जांच तेज
पूर्णिया : बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्कर लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया पुलिस ने हाइड्रेशन ड्रिंक यानी ORS की आड़ में विदेशी शराब की बड़ी खेप ले जा रहे एक ट्रक को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक से 1074.6 लीटर विदेशी शराब बरामद की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गुप्त सूचना पर जीरो माइल के पास घेराबंदी…..
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक असम से शराब की खेप लेकर पूर्णिया के रास्ते समस्तीपुर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जीरो माइल शीशाबाड़ी मस्जिद के पास घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोक लिया। ट्रक में चालक के अलावा दो अन्य लोग भी सवार थे. पुलिस ने जब ट्रक में लदे सामान के बारे में पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि इसमें एप्पल हाइड्रेशन ड्रिंक है। पुलिस को शक हुआ तो ट्रक की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। हाइड्रेशन ड्रिंक की आड़ में ट्रक के भीतर विदेशी शराब की बड़ी खेप छिपाकर ले जाई जा रही थी।
110 पेटी में 1074.6 लीटर शराब बरामद……
तलाशी के दौरान पुलिस ने ट्रक से विभिन्न ब्रांड की 110 पेटी विदेशी शराब बरामद की। इसकी कुल मात्रा 1074.6 लीटर बताई गई है। इसके अलावा ट्रक से 1100 पेटी एप्पल हाइड्रेशन ड्रिंक भी बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा करीब 17,820 लीटर बताई गई है. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बरामद शराब समस्तीपुर के नीतीश कुमार की है। इसके बाद पुलिस ने शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
असम से समस्तीपुर तक फैली तस्करी की कड़ी!……
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब की खेप असम से कहां से मंगाई गई थी और समस्तीपुर में इसे किसके पास पहुंचाया जाना था। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
मामले में पुलिस ने ट्रक चालक सह मालिक भूषण राय, प्रमोद राय और नीलेश कुमार को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी समस्तीपुर जिले के हलई थाना क्षेत्र के चकजलाल गांव के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर शराब तस्करों के नए हथकंडे का खुलासा किया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि ORS की आड़ में शराब की यह खेप किस नेटवर्क के जरिए बिहार पहुंचाई जा रही थी और इसके पीछे कितने लोग जुड़े हैं।
