राघव से जुड़े ठिकानों और डिजिटल मीडिया कार्यालय की पड़ताल के बाद विक्रम उद्योग में जांच…. पुराने कारोबारी नेटवर्क और संभावित वित्तीय कड़ियों को खंगाल रही टीम
जमशेदपुर : कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस की पड़ताल का दायरा भी लगातार विस्तृत होता जा रहा है। अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों और सोनारी स्थित डिजिटल मीडिया कार्यालय की जांच के बाद मंगलवार को पुलिस टीम सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग पहुंची। यहां पुलिस ने प्रतिष्ठान में जांच-पड़ताल की और उपलब्ध जानकारी व संभावित दस्तावेजों को लेकर छानबीन की. हालांकि, विक्रम उद्योग से किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज, वस्तु या अन्य सामग्री की बरामदगी को लेकर पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। ऐसे में मंगलवार की कार्रवाई से पुलिस को क्या ठोस सुराग मिले, इस पर आधिकारिक तस्वीर अभी साफ नहीं है।

पुराने नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाल रही पुलिस…….
पुलिस की जांच में विक्रम शर्मा से जुड़े पुराने नेटवर्क का संदर्भ भी सामने आया है। पूर्व की रिपोर्टों में पुलिस जांच के हवाले से अशोक सिंह उर्फ राघव और विक्रम शर्मा से जुड़े नेटवर्क के बीच संबंधों की बात सामने आती रही है। इसी कड़ी में पुलिस अब पुराने कारोबारी संपर्कों और संभावित वित्तीय कड़ियों को भी जांच के दायरे में लेकर चल रही है. हालांकि, किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान की आपराधिक भूमिका महज किसी संबंध या संपर्क के आधार पर साबित नहीं होती। किसी भी भूमिका का निर्धारण जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
गोलीकांड से आगे बढ़ी जांच, अब फंडिंग और नेटवर्क पर फोकस……
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच अब केवल वारदात को अंजाम देने वाले कथित आरोपियों तक सीमित नजर नहीं आ रही है। पुलिस राघव से जुड़े संपर्कों, प्रतिष्ठानों और संभावित आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को भी जोड़ने में जुटी है. जांच का अहम सवाल यह है कि कथित नेटवर्क को आर्थिक और अन्य संसाधन कहां से उपलब्ध होते थे और अलग-अलग लोगों के बीच संपर्क की प्रकृति क्या थी। सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग में हुई कार्रवाई को इसी विस्तृत जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
सोमवार को डिजिटल मीडिया कार्यालय में भी हुई थी जांच….
इससे पहले सोमवार को सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनारी में अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों और एक डिजिटल मीडिया कार्यालय में जांच की थी। वहां पुलिस ने दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की पड़ताल की थी. पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और डिजिटल संवाद जैसे तकनीकी साक्ष्यों को महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। अब जांच की दिशा संभावित संपर्कों और वित्तीय लेन-देन तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
24 अगस्त को हुई थी निखार सबलोक की हत्या…….
गौरतलब है कि 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र स्थित टेंग माइस्टोन होटल के पास कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने अपनी जांच में अशोक सिंह उर्फ राघव को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताया है। मामले में राघव समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अब पुलिस की लगातार कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि जांच वारदात के पीछे के कथित नेटवर्क, संपर्कों और आर्थिक कड़ियों तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, विक्रम उद्योग में मंगलवार की कार्रवाई से क्या अहम तथ्य सामने आए हैं, इसका खुलासा पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
