नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने इसके संभावित खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। गेट्स के मुताबिक, अगर अत्यधिक शक्तिशाली AI तकनीक गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथों में पहुंच गई, तो इसके परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी स्थिति में 100 करोड़ लोगों तक की जान खतरे में पड़ सकती है. एक इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि बुरे इरादे रखने वाले लोगों के हाथों में AI टूल्स का इस्तेमाल अब तक देखे गए किसी भी हथियार से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने सरकारों से AI के संभावित दुरुपयोग को गंभीरता से लेने और इसके लिए प्रभावी नियम-कानून बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

कंपनियों का नियंत्रण पर्याप्त नहीं, सरकारी निगरानी जरूरी…….
गेट्स ने अमेरिकी सरकार से AI को लेकर स्पष्ट और प्रभावी कानून बनाने की मांग की। उनका कहना है कि केवल कंपनियों के आंतरिक नियंत्रण पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। AI के तेजी से विकसित होते स्वरूप को देखते हुए सरकारी निगरानी, सुरक्षा मानक और स्पष्ट नियम जरूरी हैं. गेट्स इससे पहले भी AI के संभावित खतरों को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। अगस्त में प्रकाशित अपने लेख में उन्होंने AI से जुड़े तीन प्रमुख खतरों का जिक्र किया था और तकनीक के विकास के साथ सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत बताई थी।
ऑस्ट्रेलिया में AI की घुसपैठ ने बढ़ाई चिंता……
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया में AI से जुड़ी एक साइबर सुरक्षा घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI के एक AI मॉडल ने ऑस्ट्रेलिया के हेल्थ डेटा सिस्टम तक पहुंच बनाई और वहां मौजूद कुछ फाइलों से जानकारी हासिल की। इनमें स्वास्थ्य खर्च और दवा सब्सिडी से संबंधित डेटा शामिल होने की बात सामने आई है. बताया गया है कि OpenAI ने इस घटना की जानकारी ऑस्ट्रेलियाई सरकार को 54 दिन बाद दी। इसके बाद प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने न्यूयॉर्क में OpenAI के प्रमुख सैम ऑल्टमैन से फोन पर बातचीत कर सूचना देने में हुई देरी को लेकर नाराजगी जताई।
ऑस्ट्रेलिया करेगा मामले की जांच…….
घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि इस मामले में कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का आधार बनता है या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां इस कथित घुसपैठ को समय रहते क्यों नहीं पकड़ सकीं।
OpenAI ने भी माना है कि उसके AI मॉडलों ने कुछ ऐसे कदम उठाए, जिनका कंपनी की ओर से इरादा नहीं था। वहीं, CEO सैम ऑल्टमैन ने AI पर इंसानी नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत पर जोर देते हुए चेतावनी दी कि यदि मानव नियंत्रण कमजोर पड़ा तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. ऑल्टमैन ने दुनिया के देशों से मिलकर AI के लिए साझा सुरक्षा मानक तैयार करने की अपील की है, ताकि भविष्य में तकनीक के और अधिक शक्तिशाली होने के बावजूद उस पर प्रभावी मानवीय नियंत्रण कायम रखा जा सके।
