नई दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के विरोध में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित जन-आंदोलन में लोकतंत्र समर्थक नागरिकों से शामिल होने की अपील की है। संगठन की केंद्रीय परिषद ने 3 से 15 अक्टूबर तक देशव्यापी अभियान चलाने की घोषणा की है।

AIDSO केंद्रीय परिषद के अध्यक्ष सौरभ घोष और महासचिव शिबासिस प्रहराज ने जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि देश में आम जनता की बुनियादी जरूरतों से जुड़े सवालों के साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकारों पर भी लगातार दबाव बढ़ रहा है। संगठन ने मताधिकार को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसकी रक्षा को लेकर चिंता जताई है।
वक्तव्य में आरोप लगाया गया कि SIR की प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार से वंचित होने की आशंका है। AIDSO ने दावा किया कि करीब 13 करोड़ लोगों के मताधिकार पर असर पड़ने का खतरा है और इनमें बड़ी संख्या अल्पसंख्यक एवं वंचित समुदायों के लोगों की है। संगठन ने चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन संबंधी संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. AIDSO ने SIR की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका के खिलाफ देशव्यापी विरोध का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि यह संघर्ष केवल सत्ता या अधिकारियों में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनहित से जुड़े व्यापक सवालों से जुड़ा हुआ है।
संगठन के अनुसार, 3 से 15 अक्टूबर तक चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान “SIR के तहत—कोई वोट नहीं” और “ज्ञानेश कुमार के तहत—कोई वोट नहीं” जैसे नारों के साथ छात्रों एवं लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया जा रहा है. AIDSO ने कहा कि विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल जन-आंदोलन का आह्वान किया गया है। संगठन ने देशभर के लोकतंत्र समर्थक नागरिकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी जरूरी है. AIDSO केंद्रीय परिषद के कार्यालय सचिव प्रशांत कुमार ने प्रेस वक्तव्य जारी किया।
