जमशेदपुर : आजसू पार्टी ने संगठन में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने जिला कार्यकारी अध्यक्ष संजय मालाकार और श्रमिक जिला अध्यक्ष धर्मवीर सिंह को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में छह वर्षों के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। दोनों नेताओं को उनके संगठनात्मक दायित्वों से भी मुक्त कर दिया गया है. यह कार्रवाई आजसू पार्टी के केंद्रीय प्रधान महासचिव सह पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस के दिशा-निर्देश पर की गई है। जिला प्रवक्ता अप्पू तिवारी के मुताबिक, संबंधित नेताओं पर संगठन के निर्णयों के विपरीत काम करने और पार्टी विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठनात्मक अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

कई अन्य पदाधिकारियों पर भी गिरी गाज…….
आजसू ने केवल जिला स्तर के नेताओं पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि प्रखंड स्तर पर भी अनुशासन का डंडा चलाया है। पार्टी की छवि खराब करने और कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में प्रखंड सचिव, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता समेत कई अन्य पदाधिकारियों को भी उनके पदों से मुक्त कर दिया गया है। संबंधित नेताओं को छह वर्षों के लिए पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिया गया है।
‘पद बड़ा हो सकता है, संगठन से ऊपर कोई नहीं’…..
पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी पदाधिकारी का पद या राजनीतिक कद संगठनात्मक अनुशासन से ऊपर नहीं है। पार्टी की नीतियों और निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई के बाद आजसू पार्टी के स्थानीय संगठन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले दिनों में संगठन को और मजबूत करने तथा अनुशासन कायम रखने के लिए कुछ और कड़े फैसले ले सकती है. पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से व्यक्तिगत हित, गुटबाजी और मतभेद से ऊपर उठकर संगठन के प्रति निष्ठा बनाए रखने की अपील की है। नेतृत्व ने दो टूक कहा है कि पार्टी की विचारधारा, संगठन और अनुशासन ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।
