जमशेदपुर : शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लंबे समय से जारी नाराजगी ने रविवार को उग्र रूप ले लिया। मुर्दा मैदान में फैली गंदगी और नगर निगम की कथित लापरवाही के विरोध में लोगों ने ऐसा कदम उठाया, जिसने नगर निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। हाइवा और तीन ट्रैक्टरों में भरकर कचरा सीधे नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर गिरा दिया गया। इस दौरान बुलडोजर की भी मदद ली गई। कार्यालय के बाहर कचरे का ढेर लगाकर प्रदर्शनकारियों ने साफ संदेश दिया कि जब सफाई की जिम्मेदारी निभाने वाला तंत्र ही शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करेगा, तो जनता अपना विरोध इसी अंदाज में दर्ज कराएगी।

### 10 दिन की मोहलत खत्म, अब सीधे निगम पर वार…….
पूरा मामला मुर्दा मैदान की बदहाल स्थिति और सफाई व्यवस्था से जुड़ा है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने नगर निगम प्रशासन को मुर्दा मैदान की सफाई के लिए 10 दिनों का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय में सफाई नहीं हुई, तो जनता के सहयोग से वहां का कचरा उठाकर नगर निगम कार्यालय के बाहर डाल दिया जाएगा. आरोप है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपने पूर्व घोषित विरोध को अमलीजामा पहनाते हुए कचरे से लदे वाहनों को निगम कार्यालय पहुंचाया और वहां कचरा गिरा दिया।
### मुर्दा मैदान की गंदगी बनी विरोध की वजह……
मुर्दा मैदान की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि गंदगी और सफाई की समस्या को लेकर बार-बार आवाज उठाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का धैर्य जवाब दे गया। निगम कार्यालय के बाहर कचरा गिराने की घटना को इसी नाराजगी के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
### जनता का सवाल—जब शिकायतों पर सुनवाई नहीं, तो जिम्मेदारी कौन निभाएगा?…….
इस घटनाक्रम ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर मुर्दा मैदान की सफाई समय पर क्यों नहीं हो सकी? शिकायतों और चेतावनियों के बावजूद समस्या का समाधान क्यों नहीं हुआ? क्या शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए किसी बड़े विरोध का इंतजार करना जरूरी है? नगर निगम कार्यालय के बाहर कचरा गिराने की यह घटना प्रशासन के लिए स्पष्ट संदेश है कि सफाई जैसे बुनियादी नागरिक मुद्दे की अनदेखी जनता के आक्रोश को बढ़ा सकती है। अब देखना होगा कि इस विरोध के बाद मुर्दा मैदान की स्थिति सुधारने और शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।