लोकतंत्र सवेरा/जमशेदपुर। शहर के गोलमुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत केबल बस्ती में एक खपड़ैल घर में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इस आगलगी ने एक परिवार को भारी नुकसान पहुंचाया है। जिस घर में मां-बेटी और एक मासूम बच्ची का जीवन गुजर रहा था, वहां अब जली हुई चीजों के अवशेष और उजड़े आशियाने का दर्द ही शेष रह गया है. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों और बस्तीवासियों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग तत्काल आग बुझाने और घर को बचाने के प्रयास में जुट गए। इसके बाद अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। अग्निशमन कर्मियों और बस्तीवासियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक घर में रखा सामान पूरी तरह जल चुका था।
### खपड़ा और बांस के पुराने घर में तेजी से फैली आग…….
बताया जाता है कि घर काफी पुराना था और खपड़ा तथा बांस से बना हुआ था। इसी वजह से आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने घर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और पूरा सामान जलकर राख हो गया। आग की भयावहता के बीच परिवार के सामने अपने आशियाने को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई।
### समय रहते बाहर निकाले गए दो गैस सिलेंडर…
घर में दो गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि समय रहते दोनों सिलेंडरों को बाहर निकाल लिया गया। यदि सिलेंडर आग की चपेट में आ जाते, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़े खतरे को टालने में मदद मिली।
### मां-बेटी और मासूम बच्ची के सामने छत का संकट…….
बताया जा रहा है कि इस घर में एक वृद्ध महिला, उनकी विवाहित बेटी और एक मासूम बच्ची रहती हैं। घटना के समय बेटी बच्ची को लेकर किसी काम से बाहर गई हुई थी। वापस लौटने पर उसे पता चला कि आग ने घर में रखे पूरे सामान को अपनी चपेट में ले लिया है. इस घटना ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। घर का सामान जल जाने के साथ ही उनके सिर से छत भी छिन गई है। जिस आशियाने में परिवार अपनी जिंदगी की छोटी-बड़ी खुशियां समेटकर रह रहा था, वह अब आग की भेंट चढ़ चुका है। ऐसे में परिवार के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चिंता खड़ी हो गई है।
### आग लगने के कारणों का पता नहीं……
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना में हुए नुकसान का वास्तविक आकलन भी स्पष्ट नहीं है। इस मुश्किल घड़ी में बस्तीवासियों ने जिस तत्परता से आग बुझाने में मदद की, वह सामुदायिक सहयोग की मिसाल है। अब पीड़ित परिवार को अपने उजड़े आशियाने और जीवन की बुनियादी जरूरतों को फिर से संवारने के लिए मदद की दरकार है।

