जमशेदपुर : आदित्यपुर स्थित शाल बगान में जमशेदपुर युवाओं की संस्था यंग इंडिया के सौजन्य से बाल यौन शौषण पर आधारित नुक्कड़ नाटक बचपन बचाओ नामक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
Advertisements
Advertisements
Advertisements
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.31.10
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.01
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.01 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.27
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.37.36
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.37.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.36.37
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.35.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.35.49
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.34.54
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.42.13
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.44.51
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.44.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.43.47
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.43.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.42.36
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.42.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.46
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.16
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.50.47
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.50.26
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.52.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.52.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.58.33
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.00.52
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.00.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.59.50 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.59.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.59.09
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.58.45
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.05.22
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.07.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.58
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.06
नाटक में कलाकारों ने सेफ टच एंड अनसेफ टच के बारे में जागरूक करते हुए उपस्थित दर्शकों के सामने एक काल्पनिक परिवार को दर्शाया जाता है। जिसमें युवा लड़की के साथ उसके अंकल द्वारा यौन शोषण किया जाता है तब परिवार को कैसे चाइल्ड हेल्पलाइन से सहायता लेकर अपराधी अंकल को सजा दिलाया गया पुरी घटना नाट्य तारिके से प्रति किया गया।
नटी दृश्य की समाप्ति के बाद उपस्थित दर्शकों को बताती है की यौन शोषण केवल लड़कियों के साथ ही नहीं बल्कि लड़कों का भी होता है यौन शौषण से बचाने के लिए परिवार को अपने बच्चों को सेफ टच और अनसेफ टच के प्रति जागरूक करना जरूरी है बच्चो को समय देते हुए उन से खुल कर इन विषय पर बात करने की जरूरत है।नाटक के दुसरे दृश्य मे दिखाया गया कि यौन शोषण होने के बाद लड़की चुप चुप रहने लगती है Depression मे चल जाता तो परिवार को उस वक्त कैसे व्यवहार करना चाहिए।
इन सभी चीजों के साथ- साथ एक अच्छा समाज निर्माण करने मे कैसे कोई अपना सहयोग कर सकता है
अंत मे उपस्थित दर्शक के रूप में बस्ती वाले, मुख्य आयोजक यंग इंडिया वं रोबिन के युवा सदस्यगण तथा गीता थिएटर के कलाकारो ने बाल यौन शोषण को भारत मे समाप्त करने के लिए शपथ लिया।
जिसके बाद नाटक की समाप्ति ओरी चिरैया नन्ही सी चिड़िया… गाने से की जाती है
नाटक के लेखक एवं निर्देशन प्रेम दीक्षित रहे वहीं बदमाश भाई की भूमिका तुषार कारण, लड़की की भुमिका के० दिव्या, पिता की भूमिका में अंनद सरदार, पुलिस वाले की भूमिका में प्रेम दिक्षित, मां की भूमिका में गीता कुमारी,नट की भूमिका में सुरज धीवर, नटी वं जागरूक लड़की की भूमिका श्यामली धीबर ने अभिनय किया।
वही आयोजक टीम यंग इडिया एवं रोबिन से सम्मानित युवा सदस्य गण यौन शौषण पर बस्ती के बच्चों एवं निवासियों से बात कर उनके बीच पढ़ाई की सामग्री तथा बिस्कुट -चोकलेट वितरण किया।