हजारीबाग : जिले में हाथियों का आतंक कोई नई बात नहीं है. कई बार हाथी रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं. इस बार शहर के बीचो-बीच 10 से अधिक हाथियों का समूह उत्पात मचा रहा है. हाथियों का समूह डेमोटांड़ रांची-हजारीबाग मार्ग स्थित राइस रिसर्च सेंटर के जंगली क्षेत्र में प्रवेश कर गया है. जिसका एक छोर कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अधिकरण (आत्मा) से मिलता है. अब स्थानीय लोगों को यह भय है की इस क्षेत्र के चारदीवारी के अंदर अगर हाथी प्रवेश कर गया तो वह जनसंख्या बहुल क्षेत्र है, जहां बड़ी घटना भी घट सकती है.
हाथियों के झुंड में दो छोटे हाथी है और 8 से अधिक बड़े हाथी बताएं जा रहे हैं. हाथी डेमोटांड़ के रास्ते होते हुए राइस रिसर्च सेंटर के जंगली क्षेत्र में प्रवेश कर गए हैं. यह क्षेत्र में पहले भी हाथी का उत्पात देखने को मिला है. स्थानीय बताते हैं कि शनिवार देर रात को हाथियों का समूह राइस रिसर्च सेंटर के आसपास देखा गया था. उनके आवाज से यह पता चला कि संख्या काफी अधिक है. रात में भय के कारण ग्रामीण घर से बाहर नहीं निकले. सुबह जब घर से बाहर निकले तो पता चला कि 10 से अधिक हाथी क्षेत्र में घुस आए हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि राइस रिसर्च सेंटर का पिछला हिस्सा प्रौद्योगिकी प्रबंधन अधिकरण (आत्मा) से मिलता है. इसके आसपास दो स्कूल भी है. रविवार होने के कारण विद्यालय बंद है. अगर हाथी चार दिवारी तोड़कर आत्मा के परिसर में प्रवेश कर जाएगा तो भारी फजीहत का सामना करना पड़ेगा. क्योंकि वह जनसंख्या वाला क्षेत्र है. हाथियों ने चार दीवारी तोड़ने का प्रयास भी किया है. क्षेत्र में जब हाथी होने की जानकारी मिली तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण हाथी को देखने के लिए पहुंच रहे हैं.
ग्रामीणों ने हाथी होने की सूचना वन विभाग को दे दी. जिसके बाद वन विभाग के कर्मी हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं. सहायक वन संरक्षक एके परमार का कहना है कि दिन के समय हाथी भगाना संभव नहीं है. देर रात हाथी को भगाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि हाथी के आसपास नहीं भटके. साथ ही सेल्फी लेने की कोशिश ना करें. वन विभाग कर्मी ने कहा कि अगर हाथी एक बार बिदक गया तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि शिशु हाथी को अगर किसी ने छेड़ा तो उसका खामियाजा लोगों को ही भुगतना पड़ेगा.