वो दौर गुजर गया जब शादी के लिए स्वयंवर रचाये जाते थे। वो दौर भी गुजर गया जब वर पक्ष की तरफ से वधु पक्ष के घर रिश्ता भेजवाया जाता था. अब नया दौर है और नये अंदाज में दुल्हे की तलाश हो रही है। सुनकर अटपटा जरूर लग रहा होगा, लेकिन हकीकत तो यही है कि अब शादी के लिए इंटरव्यू देना पड़ रहा है।
मामला राजस्थान का है, जहां 11 युवतियों से शादी के लिए 1900 युवकों के आवेदन आए, उनके इंटरव्यू हुए। युवकों के घर-व्यवसाय को देखा गया। चयनित युवकों को लेकर युवतियों से राय ली गई और उनकी सहमति के बाद रिश्ता तय किया गया। सब तरीके से पड़ताल के बाद अब राज्य सरकार की निगरानी में राज्य महिला सदन में उन युवतियों की शादी हुई। इस शादी में खुद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी पहुंचे और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया। सरकार ने इन बेटियों की शादी के लिए योग्य युवकों का आवेदन मांगा था।
दरअसल युवतियां समाज से उपेक्षित थीं और सरकार ने उनके विवाह का जिम्मा लिया था। 11 युवतियों के लिए छह युवक जयपुर जिले से चयनित हुए। इनके अलावा एक-एक झुंझुनूं, बारां और कोटा से है। दो युवक डीडवाना-कुचामन जिले से है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग साल 2005 से 2022 तक 100 से अधिक युवतियों की शादी करा चुका है। विभाग का मकसद संभाग स्तरीय नारी निकेतनों और राज्य महिला सदनों का संचालन कर महिलाओं का सामाजिक और पारिवारिक पुनर्वास करना है।इन सदनों में 18 साल से अधिक उम्र की युवतियों को कोर्ट, पुलिस, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयं की इच्छा के आधार पर रखा जाता है। राज्य महिला सदन जयपुर में और नारी निकेतन जोधपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर जिले में चलाए जा रहे हैं।
