नई दिल्ली : भारतीय टेस्ट टीम की ‘नई दीवार’ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा ने आखिरकार इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे पुजारा ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर अपने फैसले की जानकारी साझा की।
टीम इंडिया का भरोसेमंद बल्लेबाज : राहुल द्रविड़ के बाद नंबर-3 पर टीम इंडिया को मजबूत सहारा देने वाले पुजारा टेस्ट क्रिकेट में भारत की रीढ़ साबित हुए। धैर्य, तकनीक और ठहराव से भरी उनकी बल्लेबाजी ने भारत को कई मुश्किल परिस्थितियों से निकाला। यही वजह थी कि उन्हें क्रिकेट फैंस ‘द वॉल 2.0’ कहकर पुकारते थे।

करियर के आंकड़े : पुजारा ने भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 43.60 की औसत से 7195 रन बनाए। उनके नाम 19 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज हैं। वनडे करियर में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले। उन्होंने सिर्फ 5 वनडे मैच खेले और 51 रन बनाए।
आखिरी टेस्ट और अहम पड़ाव : चेतेश्वर पुजारा ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2023 में द ओवल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। यह वही मैच था, जिसमें भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद से पुजारा टीम से बाहर हो गए थे।
भारतीय क्रिकेट में योगदान : भले ही पुजारा ने लिमिटेड ओवर क्रिकेट में अपनी छाप नहीं छोड़ी, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी भूमिका बेहद अहम रही। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दौरों पर उनकी संघर्षशील पारियों ने भारत की कई ऐतिहासिक जीतों में नींव रखी।
क्रिकेट फैंस की प्रतिक्रिया : पुजारा के संन्यास के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाओं और धन्यवाद संदेशों की बाढ़ आ गई है। फैंस उन्हें भारतीय क्रिकेट का सच्चा ‘योद्धा’ बता रहे हैं।
धैर्य और जुझारूपन के आज भी उतने ही मायने : चेतेश्वर पुजारा का करियर यह साबित करता है कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और जुझारूपन आज भी उतना ही मायने रखता है, जितना रन बनाने की तेज रफ्तार।
