नई दिल्ली :टेक्नोलॉजीे की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लगातार नए अवसरों के साथ चुनौतियां भी पेश कर रहा है। अब इसका असर भर्ती प्रक्रिया पर भी दिखने लगा है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने स्वीकार किया है कि वर्चुअल इंटरव्यू में एआई-आधारित चीटिंग बढ़ रही है, जिससे उम्मीदवारों की वास्तविक योग्यता का सही आकलन करना मुश्किल हो गया है।
फरवरी 2025 में गूगल की एक टाउनहॉल मीटिंग में कर्मचारियों ने मांग रखी कि फिर से ऑन-साइट इंटरव्यू शुरू किए जाएं, क्योंकि नियंत्रित वातावरण में उम्मीदवार को परखना ज्यादा विश्वसनीय है।
गूगल का नया कदम
इस पर गूगल ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए हाइब्रिड इंटरव्यू मॉडल लागू करने का फैसला लिया है। सुंदर पिचाई ने कहा कि अब कुछ इंटरव्यू ऑनलाइन होंगे और कुछ आमने-सामने। उनका मानना है कि इससे उम्मीदवार गूगल की वर्क कल्चर को बेहतर समझ पाएंगे और कंपनी को असली टैलेंट चुनने में मदद मिलेगी।
क्यों जरूरी है बदलाव?
गूगल के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ रिक्रूटिंग, ब्रायन ओंग (Brian Ong) ने बताया कि वर्चुअल इंटरव्यू तेज तो होते हैं, लेकिन इनमें एआई के सहारे चीटिंग रोकना लगभग नामुमकिन हो गया है। अब उम्मीदवार बिना असली स्किल दिखाए भी इंटरव्यू पास कर सकते हैं। यही समस्या सिर्फ गूगल नहीं, बल्कि दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां झेल रही हैं।
उद्योग जगत के लिए संकेत
गूगल का यह फैसला केवल कंपनी की रणनीति नहीं है, बल्कि पूरे टेक सेक्टर के लिए संदेश है कि एआई जितना अवसर देता है, उतनी ही चुनौतियां भी साथ लाता है।