रांची। झारखंड पुलिस ने थानों में व्याप्त अनियमितताओं को खत्म करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब किसी भी थाना परिसर में प्राइवेट ड्राइवर और मुंशी की नियुक्ति नहीं होगी। इस संबंध में डीजीपी अनुराग गुप्ता के निर्देश के बाद सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने आदेश जारी कर दिया है।

थानों में बाहरी लोगों की एंट्री बंद
लंबे समय से यह देखा जा रहा था कि कई थानों में पुलिस की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्राइवेट व्यक्तियों की मदद ली जा रही थी।
वाहन चलाने के लिए प्राइवेट ड्राइवर, और कागजी कार्यवाही के लिए प्राइवेट मुंशी रखे जा रहे थे।
इससे पुलिस विभाग की छवि पर सवाल उठ रहे थे और गोपनीयता भंग होने का खतरा भी बढ़ गया था।
आदेश का मुख्य बिंदु
- थानों में केवल अधिकृत पुलिसकर्मी ही वाहन चालक और मुंशी की भूमिका निभाएंगे।
- किसी भी थाना प्रभारी द्वारा इस आदेश का उल्लंघन किया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आदेश लागू करने के लिए सभी जिलों के एसपी को तुरंत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
⚡ क्यों उठाया गया यह कदम?
- थानों में प्राइवेट लोगों की मौजूदगी से गोपनीय जानकारी बाहर जाने की आशंका रहती थी।
- कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार और पुलिस मुख्यालय ने इसे गंभीर मुद्दा माना।
- इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास भी प्रभावित हो रहा था।
क्या होगा आगे?
- अब सभी थानों में ड्राइवर और मुंशी का काम पुलिस विभाग के ही जवान करेंगे।
- जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग होगी।
- नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस फैसले को झारखंड पुलिस की व्यवस्था सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने की पहल माना जा रहा है।
