जमशेदपुर | जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित सिद्धू-कानू बस्ती में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पानी कनेक्शन काटने पहुंची टीम पर बस्तीवासियों ने गंभीर आरोप लगाए। मामला इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते पूरा इलाका तनाव और डर के साये में आ गया।



प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टाटा स्टील यूआईएसएल की टीम करीब 3 गाड़ियों में सवार होकर सुबह लगभग 10 बजे बस्ती पहुंची थी। टीम का मकसद पानी कनेक्शन काटना बताया जा रहा है, लेकिन जैसे ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, माहौल गरमा गया।
आरोप क्या हैं?……
बस्तीवासियों का कहना है कि विरोध के दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई और कथित तौर पर कर्मियों द्वारा महिलाओं, बच्चों और किन्नर समुदाय के लोगों के साथ मारपीट की गई। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ को अंदरूनी चोटें आने की भी बात सामने आई है।
150 घरों में दहशत…….
घटना के बाद से सिद्धू-कानू बस्ती के करीब 150 घरों में डर और गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि वे पहले से ही पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, ऐसे में कनेक्शन काटना और उस पर कथित हिंसा बेहद अन्यायपूर्ण है।
बस्तीवासियों की मांग स्थानीय लोगों ने साफ कहा…..
👉 पहले वैध पानी कनेक्शन दिया जाए
👉 फिर ही किसी तरह की कार्रवाई की जाए
प्रशासन से न्याय की गुहार…..
घटना से आक्रोशित लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन तेज हो सकता है।
👉 अब बड़ा सवाल…….
क्या पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर इस तरह का टकराव सही है?
और क्या जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
