रांची / लोकतंत्र सवेरा की ग्राउंड रिपोर्ट : इन दिनों लगातार देखा जा रहा है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था बिल्कुल चरमरा सी गई है बात करे 108 की संचालन कर रही एजेंसी सम्मान फाउंडेशन अच्छी तरह से काम कर रही है लेकिन सदर लोहरदगा की गाड़ी संख्या JH01CH2102 की लगातार कमियां गिनाई जा रही थी इसीलिए हमारे संवाददाता ने इसकी जांच पड़ताल की तो सच्चाई सुन चौक जाएंगे न तो आम व्यक्ति की कॉल रिसीव की जा रही थी न ही डायल 112 ऑफिशल नंबर की कॉल रिसीव की जा रही थी अगर रिसीव हुआ भी तो कॉल कट कर दिया जा रहा था। जबकि गाड़ी बिल्कुल केस लेने के लिए तैयार खड़ी थी।

















































क्या आपातकालीन ड्यूटी सोने के लिए होती ? संबंधित अधिकारियों को इस बारे मै खुलकर इस पर प्रतिक्रिया देना चाहिए क्या सरकार से सिर्फ सोने का पैसा लेते है?? आखिर ऐसे में कैसे सुधरेगी राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था?? पूछती है झारखण्ड की जनता 108 एम्बुलेंस संचालन कर रही एजेंसी अपने स्तर से काफी सुधार कर अच्छी सर्विस देने की भरपूर प्रयास कर रही है लेकिन लापरवाह कर्मचारियों के कारण आम हो या खास काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री जी इस तरह के लापरवाह कर्मचारियों पर करवाई होनी चाहिए कि नहीं आप ही बताएं?? पूछती है झारखण्ड की जनता। आखिर इस तरह के लापरवाह कर्मचारियों को कौन दे रहा है संरक्षण। आखिर इतनी शिकायत के बावजूद क्यों रखे जा रहे ऐसे लापरवाह कर्मी को कहीं कमीशन का तो खेल नहीं पूछती है झारखण्ड की जनता ??
केस स्टडी …..
हमारे संवाददाता ने लोकेशन की पड़ताल की तो फोन भी रिसीव किया गया और अच्छे से बात भी किया गया….
आखिर कहीं व्यवस्था ठीक है तो कही इतनी खराब क्यों? क्या? कर्मियों को किसी वरीय अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है स्वस्थ मंत्री से हमारी टीम विन्रम पूर्वक आग्रह करती है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर उचित कारवाई किया जाएं ताकि किसी भी मरीज के साथ भविष्य मै कोई घटना न घटे हालांकि यह पड़ताल लगातार कई दिनों तक जारी रहेगी।
क्या कहता है नियम……
स्वास्थ्य विभाग के नियमों की बात करे तो अगर कोई भी व्यक्ति फोन करता है तो उससे सही जानकारी प्राप्त करते हुए सही समय में उनको प्राथमिकता देते हुए अपनी कर्तव्यों का निर्वहन करना होता है। अगर कोई भी व्यक्ति 108 में फोन न कर सीधे एम्बुलेंस की नंबर पर कॉल करता है तो उसकी नंबर नोट कर कैस मै जाना होता है।





