लोकतंत्र सवेरा/जमशेदपुर/सरायकेला/चांडिल। दीनबंधु पांडा : डायन प्रथा के नाम पर हो रही अमानवीय घटनाओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं झारखंड आंदोलनकारी अवधेश मुर्मू ने कड़ा रुख अपनाया है। सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय विधवा महिला के साथ मारपीट और अपमान की घटना को उन्होंने न केवल सामाजिक अपराध, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है।
ईचागढ़ थाना अंतर्गत गौरांग कोचा (ब्लॉक कॉलोनी) में डायन बताकर 65 वर्षीय विधवा महिला बिजल कालिंदी (पति स्व. लिला कालिंदी) के साथ की गई बर्बरता ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। पीड़िता ने न्याय की आस में कोलाबीरा स्थित परिवार परामर्श केंद्र की संचालिका एवं डायन प्रथा के खिलाफ वर्षों से संघर्षरत पद्मश्री छुटनी महतो से गुहार लगाई है।
घर में घुसकर घसीटा, बेरहमी से की मारपीट…..
पीड़िता के अनुसार, वह पिछले 10–12 वर्षों से उक्त कॉलोनी में रह रही हैं। घटना 21 दिसंबर की रात करीब 8:30 बजे की है। आरोप है कि रवि कालिंदी नशे की हालत में अपने परिवार के सदस्यों — सागर कालिंदी, सचिन कालिंदी उर्फ लालू, शिवम कालिंदी सहित अन्य लोगों के साथ उनके घर में जबरन घुस आया।
घर में किसी पुरुष सदस्य की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर आरोपियों ने पहले उन्हें डायन कहकर गाली-गलौज की, फिर घर से घसीटकर बाहर निकाला और बेरहमी से मारपीट की। पीड़िता ने बताया कि उस समय वह चलने-फिरने में असमर्थ थीं, बावजूद इसके आरोपियों ने कोई रहम नहीं दिखाया।
हाथ जोड़कर माफी मांगी, फिर भी नहीं बख्शा…..
पीड़िता ने बताया कि वह हाथ जोड़कर बार-बार कहती रहीं— “मुझे मत मारो, मुझे कुछ नहीं मालूम”, लेकिन आरोपियों ने यौन संबंधित गालियां देते हुए मारपीट जारी रखी और यह कहते रहे कि “तुम और तुम्हारी मां दोनों डायन हो।” जब आसपास के लोगों की आवाज आई, तब आरोपी टोपी और चप्पल छोड़कर मौके से फरार हो गए।
सबूतों की जांच की मांग……
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश मुर्मू ने कहा कि घटनास्थल पर छोड़ी गई टोपी और चप्पल अहम साक्ष्य हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि घटना में कौन-कौन शामिल थे और हमला किस उद्देश्य से किया गया।
पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप……
पीड़िता ने गाजू साव पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने आरोपियों का मनोबल बढ़ाया और कहा— “थाना-पुलिस जो करना है करो, एसपी तक देना है दो, सब मेरा देखा हुआ है।” पीड़िता का आरोप है कि उन्हें आए दिन गाली-गलौज और यौन टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पुलिस-प्रशासन अब तक मूकदर्शक बना हुआ है।
अवधेश मुर्मू ने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने इसे प्रशासनिक अनदेखी करार दिया।
पद्मश्री छुटनी महतो से न्याय की गुहार…..
न्याय की तलाश में बुधवार शाम अवधेश मुर्मू के नेतृत्व में पीड़िता पद्मश्री छुटनी महतो के पास पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। पद्मश्री छुटनी महतो ने मामले को गंभीर बताते हुए पीड़िता को हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर पीड़िता के पुत्र राजेंद्र कालिंदी, बाणेश्वर टुडू सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।
न्याय नहीं मिला तो आंदोलन की चेतावनी…..
अवधेश मुर्मू ने स्पष्ट कहा कि यदि पीड़िता को शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी डायन प्रथा जैसी कुप्रथा का जीवित रहना समाज और शासन दोनों के लिए शर्मनाक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रवि कालिंदी और उसे संरक्षण देने वाले गाजू साव के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी।
पीड़िता ने हाथ जोड़कर प्रशासन से अपील करते हुए कहा— “मैं कहां जाऊं, कहां रहूं? जो कहोगे वही करूंगी, बस मुझे इन लोगों से बचाइए।”
