चांडिल : दीनबंधु पांडा : सरायकेला–खरसावां जिला अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के लाकड़ी गांव (पोस्ट–जुगिलोंग) में गरीब आदिवासी किसान जमशेद मांझी के साथ हुई यह घटना पूरे इलाके को झकझोर देने वाली है। घर के आंगन में रखा मेहनत से उपजाया गया धान और पुआल अचानक आग की चपेट में आ गया। हालांकि आग किस वजह से लगी, इसका स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आ पाया है।

पीड़ित किसान जमशेद मांझी का कहना है कि घटना के समय वह इलाज के लिए पुरुलिया अस्पताल जाने के लिए घर से निकले ही थे। इसी दौरान अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वह तुरंत वापस लौटे, लेकिन तब तक करीब 20 हजार रुपये मूल्य का धान और पुआल जलकर पूरी तरह खाक हो चुका था।
ग्रामीणों और आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे घर को जलने से कुछ हद तक बचा लिया गया। इस हादसे में भले ही जनहानि नहीं हुई, लेकिन एक गरीब आदिवासी किसान की सालभर की मेहनत पल भर में राख में तब्दील हो गई।
जमशेद मांझी ने भावुक होते हुए कहा कि यदि प्रशासन की ओर से मुआवजा मिलता है, तो इससे उनके जैसे गरीब आदिवासी परिवार को आर्थिक रूप से बड़ा सहारा मिलेगा।
घटना की जानकारी मिलने पर नीमडीह अंचल अधिकारी अभय रंजन द्विवेदी ने घटना उपरांत पीड़ित किसान को हरसंभव सहायता और मुआवजा दिलाने और आबुआ आवास का भरोसा दिया है।
