जमशेदपुर/चांडिल। दीनबंधु पांडा : सरायकेला–खरसावां जिला के चांडिल प्रखंड के बिरीगोड़ा NH-33 स्थित टुसू मैदान, में मंगलवार 20 जनवरी 2026 को विशाल टुसू मेला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। यह मेला क्षेत्र में दिलीप मेला के नाम से भी विख्यात है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी और तब से यह आयोजन प्रतिवर्ष निरंतर होता आ रहा है।


कार्यक्रम का उद्घाटन ईचागढ़ विधानसभा की विधायक सविता महतो ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर दिलीप महतो ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से पारंपरिक कला, संस्कृति और लोक विरासत को संरक्षण मिलता है, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संस्कृति का जागरण, पारंपरिक नृत्य-संगीत, टुसू झूमर गान सहित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लगातार होती रहीं। टुसू मेले में टुसू देवी की विशाल मूर्तियां और 50–60 फुट ऊंची चौड़ल दिलीप मेला का मुख्य आकर्षण रहीं।
विशाल टुसू मेला के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह और उल्लास देखने को मिला। गांव और आसपास के क्षेत्रों में मेले जैसा वातावरण बना रहा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता दिलीप महतो ने कहा कि बिरीगोड़ा में यह सांस्कृतिक आयोजन कई वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है, जो क्षेत्र की समृद्ध लोकसंस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य ओमप्रकाश लायक, जिला परिषद पिंकी लायेक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामा चारुचाँद किस्कू, स्नेहा महतो, पूर्व विधायक साधुचरण महतो की पत्नी सारथी महतो, भाजपा जिला महामंत्री मधुसूदन गोराई, प्रबोध उरांव, ग्रामप्रधान गुरुचरण सिंह (आसनबानी), मुखिया दिग्विजय गोराई, मेला समिति के मनोज महतो, जमिनी महतो, रामू महतो, सुरेश महतो, भीम सेन महतो (जमाईबाबू), मनोज महतो (तामुलिया), राकेश महतो सहित हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया गया।

दिलीप महतो ने मंच से मुख्य अतिथि विधायक सविता महतो को पुष्पगुच्छ भेंट कर बिरीगोड़ा ग्रामवासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया।
सांस्कृतिक संध्या में “जुनून रशिका झूमर ग्रुप”, शिल्पी रंजीत महतो (मनोहरपुर) तथा संथाली पारंपरिक नाच दल जुग-जुगल खेलाल गावता, दुवार सिनी, बांधवान से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सभी कलाकारों को शुभकामनाएं और जोहार दिया गया।
आयोजन समिति की ओर से कहा गया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला शांतिपूर्ण और सफल रूप से आयोजित किया गया।
झारखंडी लोकसंस्कृति की पहचान टुसू मेला…..
टुसू मेला झारखंड की लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और ग्रामीण परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व लोकगीत, नृत्य और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।
