ग्वालियर : जिले के घाटीगांव थाना क्षेत्र के घेंघोली गांव में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रेम विवाह से नाराज लड़की के परिजनों ने कथित तौर पर कानून को ताक पर रखकर युवक के बड़े भाई के घर पर जेसीबी चलवा दी। दबंगई ऐसी कि पीड़ित परिवार पांच महीने तक गांव से बाहर डर के साए में भटकता रहा। अब लौटने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, घेंघोली निवासी वनिया सिंह गुर्जर के छोटे भाई रामलखन ने सिरोली गांव की किरन गुर्जर से प्रेम विवाह किया था। दोनों बालिग थे और अपनी मर्जी से साथ रह रहे थे। लेकिन यह रिश्ता किरन के पिता गिर्राज गुर्जर को मंजूर नहीं था। सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर उन्होंने कथित तौर पर लड़के के परिवार को सबक सिखाने की ठान ली।
बताया जाता है कि देर रात गिर्राज गुर्जर अपने साथियों—भूपेंद्र, सिद्धार्थ और भारत—के साथ जेसीबी मशीन लेकर वनिया सिंह के घर पहुंचा। गाली-गलौज के बीच जेसीबी से तीन कमरों का मकान और आंगन जमींदोज कर दिया गया। हमले के वक्त वनिया सिंह और उनका परिवार किसी तरह जान बचाकर भागा। आरोप है कि दबंग उनका पीछा भी कर रहे थे।
डर इतना गहरा था कि परिवार पुलिस के सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा सका। हालांकि पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन पीड़ित दहशत के कारण सामने नहीं आया। पांच महीने तक इधर-उधर भटकने के बाद जब परिवार गांव लौटा, तब मंगलवार को घाटीगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
ग्वालियर के सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि जांच में घटना सही पाई गई है। फरियादी पक्ष भयभीत था, इसलिए शिकायत में देरी हुई। अब मुख्य आरोपी गिर्राज गुर्जर और उसके साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
सवाल उठता है—क्या प्रेम विवाह की सजा बुलडोजर है? कानून से ऊपर खुद को समझने वालों पर कार्रवाई कब तक तेज होगी? इलाके में इस घटना को लेकर गुस्सा और चर्चा दोनों चरम पर हैं।
