जमशेदपुर : शहर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल अब गली-कूचों से निकलकर क्रिकेट के मैदान तक पहुंच चुका है। मोबाइल के जरिए लगने वाले दांव अब खुलेआम खेल प्रतियोगिताओं के बीच प्रचारित हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां एक ओर युवा खेल के नाम पर मैदान में जुट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी मैदान में बेटिंग ऐप का खुला प्रचार-प्रसार सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार शहर में ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। सटोरियों ने अब अपना तरीका बदल दिया है। पहले जहां पारंपरिक तरीके से सट्टा लगाया जाता था, वहीं अब मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए गली-मोहल्लों में बैठे लोग मैच पर दांव लगा रहे हैं।
क्रिकेट के मैदान में बेटिंग ऐप का प्रचार…….
जानकारी के मुताबिक बिस्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित कोऑपरेटिव कॉलेज मैदान में चल रहे जमशेदपुर प्रीमियर लीग (JPL) और मारवाड़ी प्रीमियर लीग के दौरान एक बेटिंग ऐप “Royal Exchange 2.0” का खुलेआम प्रचार देखने को मिल रहा है।
मैदान के चारों ओर बाउंड्री लाइन के पास बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, मैदान के कई हिस्सों में इस ऐप के बैनर लगे हुए हैं, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि खेल के नाम पर बेटिंग ऐप को प्रमोट किया जा रहा है।
छोटे दांव से लाखों तक पहुंचती रकम…….
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में हर दिन करोड़ों रुपये का ऑनलाइन सट्टा लगाया जा रहा है। शुरुआत भले ही कुछ सौ या हजार रुपये से होती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, दांव की रकम लाखों तक पहुंच जाती है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस खेल में युवा वर्ग तेजी से फंसता जा रहा है। मोबाइल फोन और आसान ऐप की वजह से सट्टा लगाना बेहद आसान हो गया है।
सवालों के घेरे में सिस्टम..…….
क्या आयोजकों को इसकी जानकारी नहीं है?
क्या प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ी?
या फिर किसी के संरक्षण में यह खेल चल रहा है?
शहर में बढ़ती ऑनलाइन सट्टेबाजी और मैदान तक पहुंच चुके बेटिंग ऐप के प्रचार ने कानून व्यवस्था और खेल की साख दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर सट्टे का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
