जमशेदपुर : चैत्र मास शुक्ल पक्ष तृतीया के पावन अवसर पर सरहुल पूजा को लेकर शहर में भव्य आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। केन्द्रीय सरहुल पूजा समिति, पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में 21 मार्च 2026 को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए लाइसेंसी सुखराम लकड़ा ने बताया कि यह शोभायात्रा आदिवासी एवं मूलवासी समुदाय की सांस्कृतिक एकता और परंपरा का प्रतीक होगी।

उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में उरांव, हो, मुंडा, मुखी, भुइयाँ, लोहरा, तुरी सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चे पारंपरिक परिधान और वाद्ययंत्रों के साथ भाग लेंगे। कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन भी देखने को मिलेगा। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुरा बिरुली ने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा में “बेस्ट ड्रेस कोड” और “बेस्ट अनुशासन” के लिए पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और बढ़ेगा।
शोभायात्रा 21 मार्च को शाम 3:30 बजे पुराना सीतारामडेरा से प्रारंभ होकर लाको बोदरा चौक, एग्रिको लाइट सिग्नल, भालूबासा चौक, रामलीला मैदान, साकची गोलचक्कर, बसंत टॉकीज, टुइलाडूंगरी और गोलमुरी होते हुए पुनः सीतारामडेरा में समाप्त होगी। राकेश उरांव ने बताया कि शोभायात्रा मार्ग पर सरना झंडा और तोरण द्वार लगाए जाएंगे। साथ ही साकची स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा, सीतारामडेरा स्थित ओत गुरु कोल लाको बोदरा और बाबा कार्तिक उरांव की प्रतिमाओं को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा।
समिति द्वारा सभी पूजा स्थलों की साफ-सफाई और रंग-रोगन का कार्य पूरा कर लिया गया है। पूजा के दिन सुबह से ही सभी स्थलों पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की जाएगी। राजेश कांडयांग ने बताया कि शोभायात्रा में विभिन्न समाजों की सांस्कृतिक झांकियां भी शामिल होंगी, जो प्रकृति संरक्षण का संदेश देंगी और आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
वहीं, मुंडा समाज के नंदलाल पातर ने जानकारी दी कि शोभायात्रा शुरू होने से पहले दोपहर 3 बजे सीतारामडेरा में शहर के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया जाएगा।समिति ने सभी लोगों से अपील की है कि वे अनुशासन बनाए रखते हुए अधिक से अधिक संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर इस सांस्कृतिक उत्सव को सफल बनाएं।
प्रेस वार्ता में सुखराम लकड़ा, राकेश उरांव, नंदलाल पातर, संतोष राजेश कांडयांग, सुरा बिरुली, शालू लकड़ा, संतोष लकड़ा, बुधराम खालको, लखींद्र लकड़ा, दुर्गमानी बोईपाई, शंभु मुखी, उपेंद्र बानरा, किशोर लकड़ा, राजन कुजूर, रवि सवैया, बुद्धू खालको, सोमा कोया, रामू तिर्की, बबलू खालको, नीतू कालिंदी, काजू साडील, लालमोहन जमुदा, बाबू नाग, संजय मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
