रामगढ़ | झारखंड के रामगढ़ जिले में जंगली हाथियों के आतंक ने एक बार फिर खूनी रूप अख्तियार कर लिया है। बीती रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाते हुए तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
Advertisements
Advertisements
Advertisements
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.31.10
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.01
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.01 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.27
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.30.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.37.36
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.37.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.36.37
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.35.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.35.49
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.34.54
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.42.13
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.44.51
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.44.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.43.47
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.43.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.42.36
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.42.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.46
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.16
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.51.05
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.50.47
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.50.26
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.52.04 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.52.04
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.58.33
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.00.52
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.00.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.59.50 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.59.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.59.09
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.58.45
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.05.22
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.07.14
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.58
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.07
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 11.06.06
आधी रात को मचा मौत का तांडव
मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों का झुंड देर रात बस्तियों में दाखिल हुआ। ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हाथियों ने घरों को नुकसान पहुँचाया और रास्ते में आए तीन लोगों को बेरहमी से कुचल दिया। मृतकों में दो व्यक्ति पतरातू क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण
सुबह होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथियों को रोकने में विफल रहा है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद, जब वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की, तब जाकर ग्रामीण शवों को उठाने के लिए सहमत हुए।
वन विभाग की ओर से जारी ‘रेड अलर्ट’ (एडवाइजरी)
चांडिल वन प्रभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित गांवों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
समूह में चलें: रात के समय घर से बाहर निकलना अनिवार्य हो, तो हमेशा टोली बनाकर चलें।
अंधेरे से बचें: खेतों और जंगल के सीमावर्ती इलाकों में अकेले न जाएं। साथ में हमेशा हाई-बीम टॉर्च रखें।
शोर मचाएं: हाथियों को करीब आता देख ढोल-नगाड़े या शोर करने वाले उपकरणों का प्रयोग करें।
मदिरा से परहेज: वन विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि घरों या खेतों के पास शराब या हंडिया न रखें, क्योंकि इसकी गंध हाथियों को तेजी से आकर्षित करती है।
“हम हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर रहे हैं। ग्रामीणों से अनुरोध है कि वे जंगलों की ओर न जाएं और विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।” > — अधिकारी, चांडिल वन रेंज