यूपी : महाकुंभ के दौरान अचानक चर्चा में आए और सोशल मीडिया पर वायरल हुए आईआईटी बाबा अभय सिंह ने शादी रचा ली है। उनकी पत्नी का नाम प्रतीका है। प्रतीका कर्नाटक की रहने वाली हैं। वह पेशे से इंजीनियर हैं। आईआईटी बाबा की शादी का खुलासा तब हुआ जब वह अचानक हरियाणा के झज्जर में अपने पिता के चैंबर में पहुंचे। अभय सिंह के पिता पेशे से वकील हैं। आईआईटी बाबा की शादी की खबर के साथ पत्नी के साथ उनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। इसी के साथ पति-पत्नी ने अपना आगे का प्लान भी बताया है। अब दोनों मिलकर सनातन और अध्यात्म को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इस क्रम में दोनों की योजना भविष्य में एक सनातन यूनिवर्सिटी भी खोलने की है। इस यूनिवर्सिटी में गुरु, साधक और अध्यात्म से जुड़े लोग एक मंच पर आ सकेंगे।


शादी के बाद पहली बार पति-पत्नी मीडिया के सामने आए तो उन्होंने एक-दूसरे के बारे में काफी बातें बताईं। प्रतीका ने अभय सिंह को सरल स्वभाव का बेहद ईमानदार शख्स और सच्चा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि मैं कर्नाटक से हूं और इनसे (अभय से) करीब एक साल पहले मिली थी। प्रतीका ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद हम पति-पत्नी सनातन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। हमारी योजना एक सनातन यूनिवर्सिटी बनाने की है। इसमें गुरु, साधक और अध्यात्म से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की कोशिश होगी। अभय सिंह ने भी बताया कि वह इस यूनिवर्सिटी के प्लान पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन यूनिवर्सिटी में सांसारिक ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना और विभिन्न प्रकार की साधनाओं को जोड़ा जाएगा। सिखाने वाले और साधना वाले, फोकस दोनों तरह के ज्ञान पर होगा।
आईआईटी बाबा और प्रतीका ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन हिमाचल के अघंजर महादेव मंदिर में शादी की। इसके बाद 19 फरवरी को उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की। दुनिया के सामने इस शादी का खुलासा सोमवार को तब हुआ जब अभय सिंह, प्रतीका के साथ झज्जर में अपने पिता के चैंबर में पहुंचे। दोनों ने बताया कि शादी के बाद फिलहाल वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रह रहे हैं। अभय सिंह अपनी पत्नी के साथ पिता के चैंबर में पहुंचे तो वह भगवा वस्त्रों में थे। उन्होंने यहां पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अध्यात्मिकता की ओर रूझान से पहले वह अक्सर अपने पिता के चैंबर में बैठकर कानूनी आवेदनों और केस स्टडी वगैरह देखा करते थे। उन्होंने कहा कि जिंदगी के अर्थ की तलाश ने उन्हें विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र से अध्यात्म की ओर मोड़ दिया। बता दें की अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने कनाडा में एक एयरोस्पेस कंपनी में नौकरी भी की थी। वहां वह करीब तीन लाख रुपए मासिक वेतन पर कार्यरत थे लेकिन बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी। अभय सिंह प्रयागराज महाकुंभ आईआईटी बाबा के रूप में चर्चित हुए तो दुनिया को उनकी कहानी के बारे में पता चला। तभी से किसी न किसी बहाने उन्हें लेकर सुर्खियां बनती रहती हैं।
