जमशेदपुर : विश्व कला दिवस के अवसर पर श्रीनाथ विश्वविद्यालय एवं श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजुकेशन के फाइन आर्ट्स विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बंधनी एवं बाटिक तकनीक पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


कार्यशाला की मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षक सुश्री रिमी मंडल थीं, जिन्होंने शांतिनिकेतन से टेक्सटाइल डिजाइन में मास्टर्स की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने विद्यार्थियों को बंधनी और बाटिक जैसी पारंपरिक कला विधियों से परिचित कराया। यह कला मुख्यतः सूती कपड़ों पर की जाने वाली पेंटिंग तकनीक है, जो पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से लोकप्रिय है। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को बेडशीट, रूमाल और चुन्नी जैसे विभिन्न कपड़ों पर पेंटिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही पेंटिंग तकनीक और आवश्यक सामग्री पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया गया।
इस मौके पर फाइन आर्ट्स विभाग के विभागाध्यक्ष श्री गणेश महतो ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक श्री अंजन महांति, सुश्री रिम्मी आदक एवं सुश्री दीपर्णा साहा भी उपस्थित रहे।
श्रीनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यावहारिक कार्यशालाएं विद्यार्थियों को वास्तविक अनुभव प्रदान करती हैं, जो उनके कौशल विकास के लिए अत्यंत लाभकारी है। फाइन आर्ट्स के इस प्रयास से विद्यार्थियों में अलग तरह की रुचि विकसित हुई है जो देश विदेश की महत्वपूर्ण कलाओं को समझने के लिए जरूरी है।

