जामताड़ा। नई शिक्षा नीति के तहत सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन एवं उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को सिंह वाहिनी प्लस टू विद्यालय, कुंडहित में “बैक टू स्कूल कैंपेन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना है, जो किसी कारणवश शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो गए हैं या अब तक नामांकित नहीं हो पाए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी जमाल ए रजा ने की।


वही कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बीडीओ जमाल ए रजा , प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मिलन घोष, प्रमुख रामकिशोर मुर्मु , ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर बीडीओ रजा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप यह अभियान विशेष रूप से उन बच्चों पर केंद्रित है, जो अनामांकित, ड्रॉपआउट या अनियमित रूप से विद्यालय आने वाले हैं। ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें फिर से स्कूल से जोड़ने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
बीईईओ मिलन घोष ने कहा कि “बैक टू स्कूल कैंपेन” के माध्यम से शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तर पर आयोजित इस कार्यशाला में सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, सीआरपी, बीआरपी तथा बीआरसी कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि वे अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में जाकर इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करें और ऐसे बच्चों की सूची तैयार करें, जो अब तक विद्यालय में नामांकित नहीं हैं या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। साथ ही अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बच्चों की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करने को कहा गया। इस दौरान विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर भी जोर दिया गया और कहा गया कि लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि विद्यालयों में बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के साथ-साथ उन्हें आकर्षित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तकालय गतिविधियां तथा डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों की रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं की जानकारी भी अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित हों।
शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार अपनाएं और उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करें। ड्रॉपआउट बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा की गई, जिससे वे अपनी पढ़ाई को फिर से शुरू कर सकें और अन्य बच्चों के साथ तालमेल बिठा सकें। इसके अलावा, विद्यालय प्रबंधन समितियों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया और उनसे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में यह बात भी सामने आई कि कई बार आर्थिक, सामाजिक या पारिवारिक कारणों से बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे में शिक्षकों और प्रशासन को मिलकर इन समस्याओं का समाधान निकालना होगा। विशेष रूप से गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि वे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में “बैक टू स्कूल कैंपेन” को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से न केवल बच्चों का नामांकन बढ़ेगा, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा।
कार्यक्रम में प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक हसीब अंसारी, बीआरपी बरूण घोष, शिक्षक शांति माजी, बिपन बाउरी, उत्तम मंडल, बासुदेव भंडारी, पिंटु मंडल, साधन हजारी, राखी धर, तापस राय, सुब्रत चौधरी, सभी कोटि के विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, सीआरपी, बीआरसी कर्मी मेघनाथ सेन उपस्थित थे।
रिपोर्ट : अमित कुमार नाग

