घाटशिला : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर पूरे देश में महिलाओं के बीच उत्साह और आशा का वातावरण बना हुआ है। इस ऐतिहासिक अधिनियम को महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्र की समाजसेवी सह भाजपा नेत्री डॉ. सुनीता देवदूत सोरेन ने इस विषय पर अपनी विस्तृत राय रखते हुए केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की।


भाजपा नेत्री डॉ. सुनीता देवदूत सोरेन ने कहा कि वर्षों से महिलाओं की भागीदारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सीमित रही थी, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से महिलाओं को संसद और विधानसभा में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। इससे महिलाओं की आवाज़ और अधिक मजबूत होगी तथा समाज में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में महिलाओं के लिए “बीज से वट वृक्ष” बनने जैसा अवसर प्रदान करता है, जिससे आने वाले समय में महिलाओं का नेतृत्व और अधिक सशक्त होगा।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाएँ—जैसे उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना, जन-धन योजना तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी अन्य पहलें—महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है।
डॉ. सुनीता देवदूत सोरेन ने कहा कि आज देश की महिलाओं को जो सुविधाएँ और अधिकार मिल रहे हैं, वे वास्तव में उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदम समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं और महिलाओं के आत्मविश्वास को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
इस दौरान डॉ. सुनीता देवदूत सोरेन ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की विशेष रूप से सराहना एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जो पहलें शुरू की हैं, वे आज देश की करोड़ों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्त भविष्य की आधारशिला है। यह अधिनियम आने वाले वर्षों में महिलाओं को नई पहचान, आत्मविश्वास और नेतृत्व का अवसर प्रदान करेगा तथा देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक मजबूत बनाएगा।

