जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित जेप-6 परिसर में एक दर्दनाक घटना में बैरक की तीसरी मंजिल की छत से गिरने से आरक्षी यशवंत कुमार सिंह की मौत हो गई। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है, जबकि गुरुवार सुबह करीब 4.30 बजे अन्य जवानों ने बैरक के बाहर जमीन पर उनका शव देखा।


















सूचना मिलते ही जेप-6 के पदाधिकारी एवं एसोसिएशन के सदस्य मौके पर पहुंचे। परिजनों को सूचना दे दी गई, लेकिन उनके आग्रह पर शव को नहीं उठाया गया। इस कारण करीब 13 घंटे तक शव घटनास्थल पर ही पड़ा रहा. गुरुवार शाम लगभग 6 बजे परिजनों के पहुंचने के बाद Faiz Ahmed के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मृतक आरक्षी यशवंत कुमार सिंह पलामू जिले के पाटन के निवासी थे और 2010 बैच के जवान थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह बैरक की छत पर अकेले सोने गए थे, इसी दौरान गिरने से उनकी मौत हो गई. जेप-6 के कमांडेंट राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों ने उनके पहुंचने तक शव उठाने से मना किया था, जिसके कारण देर हुई। उन्होंने कहा कि मामला प्रथम दृष्टया छत से गिरने का प्रतीत होता है, हालांकि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
वहीं, मृतक के पिता विनायक सिंह ने बताया कि उन्हें बेटे के छत से गिरकर मौत की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने शव देखा और उन्हें भी यही प्रतीत हुआ कि गिरने से ही मौत हुई है। उन्होंने सिदगोड़ा थाना में लिखित आवेदन देकर स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी पर कोई संदेह नहीं है. पिता के बयान के आधार पर सिदगोड़ा थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। शव को MGM Medical College भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को पार्थिव शरीर को पैतृक आवास ले जाया जाएगा।
