रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘सरना धर्म कोड’ की दशकों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के राज्यपाल को पत्र लिखकर सरना धर्म कोड को जल्द से जल्द मान्यता देने का आग्रह किया है।



पत्र की मुख्य बातें:
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सरना धर्म कोड केवल एक धार्मिक पहचान नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व और उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सवाल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
- जनगणना में अलग पहचान: आदिवासियों की अपनी अलग पूजा पद्धति और परंपराएं हैं, जिन्हें जनगणना के कॉलम में अलग स्थान मिलना अनिवार्य है।
- संवैधानिक अधिकार: देश के करोड़ों आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार को इस पर त्वरित निर्णय लेना चाहिए।
- राज्य का संकल्प: झारखंड विधानसभा से पहले ही सरना धर्म कोड का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जा चुका है, जिस पर अब अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
राजनीतिक हलचल तेज
CM हेमंत सोरेन के इस कदम के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आदिवासी संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है, वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह मुद्दा केंद्र और राज्य के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र बना रहेगा।
