जमशेदपुर : शहर की बहुभाषीय साहित्यिक संस्था “सहयोग” की आम सभा रविवार शाम तुलसी भवन के चित्रकूट कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में संस्था की नई कार्यकारिणी समिति का पुनर्गठन किया गया तथा वर्षभर आयोजित होने वाले साहित्यिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. रागिनी भूषण द्वारा सहयोग गीत की प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।



उपलब्धियों के साथ दिवंगत साथियों को किया याद….
सभा में डॉ. जूही समर्पिता ने उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए संस्था की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्था के गठन और विकास में अहम भूमिका निभाने वाले दिवंगत साहित्यकार बच्चन पाठक ‘सलिल’ समेत अन्य बिछड़े साथियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान पुष्पांजलि मिश्रा ने लघुकथा प्रस्तुत की, जबकि माधुरी मिश्रा, प्रणति सिन्हा, निशीथ सिन्हा, डॉ. आशा गुप्ता एवं रीना सिन्हा ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ कर साहित्यिक माहौल को जीवंत बना दिया।
वर्षभर होंगे साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजन….
आम सभा में सदस्यों की सहमति से वर्षभर विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इनमें पुस्तक समीक्षा, कबीर जयंती, कथा गोष्ठी, प्रेमचंद जयंती, दिनकर जयंती, बहुभाषीय काव्य संध्या, भक्ति रस कार्यक्रम, सावन मिलन, वनभोज, होली मिलन तथा आम सभा जैसे आयोजन शामिल हैं।
नई कार्यकारिणी समिति का गठन….
सभा में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। डॉ. संध्या सिन्हा को संस्था का अध्यक्ष तथा डॉ. जूही समर्पिता को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। वहीं डॉ. भारती कुमारी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गयी। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. मुदिता चन्द्रा ने कहा कि सदस्यों के सहयोग के बिना संस्था का रजत समारोह और वार्षिक कार्यक्रम इतने सफल स्तर पर संभव नहीं हो पाता। उन्होंने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं सहयोग की सक्रिय सदस्य अनिता सिंह ने कहा कि नई कार्यकारिणी समिति में युवा सदस्यों को जिम्मेदारी मिलने से संस्था को नई ऊर्जा मिलेगी और साहित्यिक गतिविधियां और मजबूत होंगी।
नये पदाधिकारियों का सम्मान….
कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. संध्या सिन्हा ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संस्था की प्रगति के लिए निरंतर कार्य करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के समापन पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सी. भास्कर राव की दिवंगत पत्नी डॉ. सूर्या राव की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। राष्ट्रीय गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



