जमशेदपुर : सिस्टर निवेदिता गर्ल्स हाई स्कूल, बर्मा माइंस में आज सामाजिक संस्था ‘अस्तित्व’ के सौजन्य से एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में त्रिनेत्रम आई हॉस्पिटल और अवध डेंटल कॉलेज, आदित्यपुर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों की टीम द्वारा बच्चों के आँखों और दाँतों की मुफ्त जाँच कर उचित चिकित्सीय परामर्श दिया गया।



प्रमुख बिंदु और आयोजन की मुख्य बातें :
- जाँच का दायरा : शिविर में स्कूल के करीब 300 बच्चों के साथ-साथ सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं के भी आँखों और दाँतों की जाँच की गई।
- सराहनीय शुरुआत : कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती आरती अगम प्रकाश ने स्वयं अपनी आँखों की जाँच करवाकर की।
- विशेष उपस्थिति : इस अवसर पर स्कूल के स्वामी ईस्ट प्रेमानंद जी महाराज भी उपस्थित थे, जिनका आशीर्वाद कार्यक्रम को मिला।
नेतृत्व एवं सहयोग
- यह पूरा कार्यक्रम ‘अस्तित्व’ संस्था की संस्थापक सदस्य सह सचिव श्रीमति मीरा तिवारी के निर्देशानुसार और जिला अध्यक्ष श्रीमति अन्नू चौबे के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ।
- विद्यालय का सहयोग : स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती आरती अगम प्रकाश ने आयोजन में अपना भरपूर योगदान दिया।
- राजनैतिक व सामाजिक सहयोग : कार्यक्रम को सफल बनाने में जदयू के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष सूरज और महामंत्री गंगाधर पांडे का भी पूर्ण सहयोग रहा।
विशेषज्ञों और अतिथियों के मुख्य संदेश
“आजकल के बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग ज्यादा कर रहे हैं, जिससे उनकी आँखों पर सीधा असर पड़ रहा है। अगर आँखों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है, तो सोशल मीडिया का प्रयोग कम से कम करें।”
— श्रीमती आरती अगम प्रकाश (प्रिंसिपल)

“ऑनलाइन क्लासेस के कारण बच्चों को मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना पड़ता है, जिसका सीधा असर आँखों के लेंस और कॉर्निया पर पड़ता है। यही वजह है कि कम उम्र में चश्मा लग रहा है। ऐसे में यह जाँच शिविर बच्चों के लिए बहुत कारगर है।”
— अन्नू चौबे (जिला अध्यक्ष, अस्तित्व)
कार्यक्रम के समापन पर संस्था की सचिव मीरा तिवारी ने बच्चों को दाँतों में होने वाली विभिन्न बीमारियों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जागरूक किया।
सहयोगी टीम
इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में वाइस प्रिंसिपल रश्मि, शिक्षिका स्वीटी, निशिता, संजना, अस्मिता, अमृता, रिया और सामाजिक कार्यकर्ता मो. आचार्या सहित स्कूल के सभी शिक्षकों का सराहनीय और भरपूर योगदान रहा।



