लोकतंत्र सवेरा/जमशेदपुर : एक पिता… जो बरगद की छांव की तरह पूरे परिवार को सुरक्षा देता है। एक पति… जो सात फेरों में जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाता है। एक इंसान… जिसने करीब 40 साल तक ईमानदारी से नौकरी की, रिटायर हुआ और संस्थान से करीब डेढ़ करोड़ रुपए मिले। लेकिन क्या वही डेढ़ करोड़ रुपए उसके परिवार के लिए अभिशाप बन गए? क्या पैसों की चमक रिश्तों पर इतनी भारी पड़ गई कि एक ही घर में तीन-तीन लाशें बिछ गईं?



जमशेदपुर के एग्रिको में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड ने पूरे शहर की आत्मा को झकझोर दिया है। जिस घर में कुछ महीने पहले बेटी की विदाई हुई थी, जहां जल्द ही नन्हे मेहमान के आने की खुशियां दस्तक देने वाली थीं, उसी घर में अब मातम पसरा है. पत्नी… गर्भवती बेटी… और जवान बेटे की निर्मम हत्या। और हत्या का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि खुद परिवार का मुखिया रविंद्र सिंह।
इन्वेस्टमेंट को लेकर विवाद… और फिर तीन कत्ल!…..
पुलिस जांच में अब एक नया और चौंकाने वाला एंगल सामने आया है। सिदगोड़ा थाना प्रभारी फैज अहमद के मुताबिक आरोपी रविंद्र सिंह ने पूछताछ में बताया है कि रिटायरमेंट के बाद मिले 1.49 करोड़ रुपए के निवेश को लेकर पत्नी सरिता सिंह से लगातार विवाद चल रहा था. बताया जा रहा है कि 10 मई की रात पति-पत्नी के बीच पैसे के इन्वेस्टमेंट को लेकर जमकर बकझक हुई। मामला शांत नहीं हुआ और 11 मई की सुबह फिर विवाद शुरू हो गया। आरोपी के मुताबिक उसी गुस्से में उसने पहले पत्नी की हत्या की। इसके बाद बेटे रविशेक सिंह और गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह को भी मौत के घाट उतार दिया।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल…..
क्या सिर्फ पैसों के निवेश को लेकर कोई पिता इतना हैवान बन सकता है?
क्या मामूली घरेलू विवाद किसी इंसान को अपने ही परिवार का जल्लाद बना देता है?
पुलिस को भी नहीं हो रहा यकीन……
रविंद्र सिंह का बयान सुनकर सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि पुलिस भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। जांच अधिकारियों को यह कहानी अधूरी लग रही है। पुलिस का मानना है कि इस तिहरे हत्याकांड के पीछे कोई और गहरा राज छिपा हो सकता है. शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कहा था कि वह मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता से परेशान था। अब उसने निवेश विवाद की बात कही है। लेकिन शहर के लोग और परिवार को जानने वाले इस तर्क को मानने को तैयार नहीं हैं।
नार्को टेस्ट की तैयारी, बड़े बेटे-बेटी से भी पूछताछ संभव…..
मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब आरोपी का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। इसके लिए कोर्ट में आवेदन दिया गया है. साथ ही पुलिस आरोपी के बड़े बेटे अभिषेक और बड़ी बेटी प्रिया से भी पूछताछ कर सकती है, ताकि परिवार के भीतर चल रही वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस फिलहाल आरोपी के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिवार की पृष्ठभूमि के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
कुल्हाड़ी और हथौड़े से खत्म कर दिया पूरा परिवार…..
11 मई की सुबह एग्रिको का वह घर खून से लाल हो गया था।
आरोप है कि रविंद्र सिंह ने कुल्हाड़ी और हथौड़े से अपनी पत्नी, बेटे और गर्भवती बेटी की निर्मम हत्या कर दी. एक ही झटके में पूरा परिवार खत्म हो गया. बेटी, जो कुछ ही महीनों में मां बनने वाली थी… बेटा, जो पिता के बुढ़ापे का सहारा था…
पत्नी, जिसने जीवनभर साथ निभाने का वचन लिया था… एक पल में सब खत्म।
सवाल अब भी बाकी……..
क्या सचमुच रुपए इस परिवार के टूटने की वजह बना ?
क्या मानसिक तनाव ने एक पिता को खूंखार हत्यारा बना दिया?
या फिर इस तिहरे हत्याकांड के पीछे कोई और गहरा और अनकहा सच छिपा है?
फिलहाल पूरा जमशेदपुर इसी सवाल का जवाब तलाश रहा है…।



