जमशेदपुर : जमशेदपुर के बहुचर्चित लोको पायलट जीके गौतम हत्याकांड में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के बीच मामले के मुख्य नामजद आरोपी राजकिशोर सिंह और उसके पुत्र अंकित सिंह ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों के सरेंडर के बाद इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।



पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन खरीद-बिक्री को लेकर पुराना विवाद मुख्य वजह माना जा रहा है। बागबेड़ा के सीपी टोला क्षेत्र स्थित एक जमीन को लेकर मृतक जीके गौतम और आरोपियों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद ने धीरे-धीरे खूनी रूप ले लिया और सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची गई।
घटना 26 अप्रैल 2026 की देर रात की बताई जा रही है। मूल रूप से बिहार के मुंगेर निवासी तथा रेलवे में लोको पायलट के पद पर कार्यरत जीके गौतम मालगाड़ी लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे। ड्यूटी समाप्त होने के बाद जैसे ही वह पैदल लोवी की ओर जा रहे थे, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें तत्काल रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दिनदहाड़े जैसी दुस्साहसिक वारदात से रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और पुलिस पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
मृतक की पत्नी रीना रानी के बयान पर बागबेड़ा थाना में राजकिशोर सिंह, अविनाश सिंह समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। सूत्रों की मानें तो बढ़ते पुलिस दबाव और गिरफ्तारी की आशंका के बीच मुख्य आरोपी और उसका पुत्र अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण करने को मजबूर हुए।
अब पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में जुट गई है। जांच एजेंसियां हत्या में प्रयुक्त हथियार, साजिश में शामिल अन्य लोगों तथा पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक अब तक इस मामले में दर्जनभर से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।



