लोकतंत्र सवेरा/सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत सामानपुर पंचायत के बामनी हाट टोला में शुक्रवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने कई गरीब परिवारों का आशियाना उजाड़ दिया। सबसे अधिक नुकसान रजक समुदाय एवं एससी परिवारों को हुआ है। घरों के छज्जे उड़ जाने और अनाज सहित घरेलू सामान नष्ट हो जाने से कई परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं।



जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच अचानक तेज आंधी-तूफान आया, जिसकी चपेट में आकर बामनी हाट टोला के कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित परिवारों में संतोष रजक, अकलू रजक, नकुल रजक, भूदेव रजक, संजय रजक तथा रंजीत महतो शामिल हैं। आंधी के कारण इनके घरों के छप्पर उड़ गए तथा घर में रखा धान, चावल, गेहूं, जरूरी कागजात, घरेलू सामान, मुर्गी, बत्तख और बकरियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रभावित परिवार मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। दुखद पहलू यह है कि अब तक इन्हें न तो झारखंड सरकार की अबूआ आवास योजना का लाभ मिला है और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना का। वर्तमान स्थिति यह है कि इन परिवारों के पास रहने के लिए सुरक्षित छत तक नहीं बची है। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पेड़ के नीचे रात गुजारने को विवश हैं।
आंधी-तूफान में इलाके के बिजली पोल और ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण शुक्रवार शाम से पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली गुल रहने और भोजन बनाने के साधन नष्ट हो जाने से पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने का संकट भी उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समाचार लिखे जाने तक न तो कोई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचा था और न ही प्रशासन की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। प्रखंड एवं अंचल स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
घटना की सूचना मिलने पर विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने दूरभाष पर बीडीओ एवं सीओ से बात कर तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में अस्थायी ठहराव की व्यवस्था करने, तिरपाल, राशन एवं अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की।
राकेश रंजन महतो ने प्रशासन से यह भी मांग की कि प्रभावित परिवारों को अबूआ आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर पक्का मकान स्वीकृत किया जाए, ताकि भविष्य में उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
इधर, अंचल अधिकारी नीमडीह ने बताया कि राजस्व कर्मी को नुकसान का आकलन करने भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आपदा राहत कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।



