मुंबई : मुंबई के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में गुरुवार को बड़े पैमाने पर चलाए गए डिमोलिशन अभियान से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रेलवे भूमि के आसपास बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल और बुलडोजर तैनात किए। कार्रवाई के दौरान कई घर, दुकानें और अस्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए गए. प्रशासन के अनुसार, यह अभियान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में बनने वाले हाई-स्पीड रेल हब तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे भूमि पर अतिक्रमण हटाना आवश्यक था।



बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ा है मामला…….
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, गरीब नगर का इलाका प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के महत्वपूर्ण हिस्से के करीब स्थित है। बीकेसी में बनने वाले स्टेशन और उससे जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए आसपास के अतिक्रमण को हटाने की योजना पहले से तैयार थी। इसी क्रम में रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी……
डिमोलिशन अभियान के दौरान कई परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और अचानक कार्रवाई कर उनके घरों को तोड़ दिया गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि वर्षों से बसे परिवार अब बेघर हो गए हैं. हालांकि प्रशासन ने दावा किया कि कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किए गए थे और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नियमों के तहत की गई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस…..
कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ लोग इसे शहर के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कई लोगों ने गरीब परिवारों के विस्थापन को लेकर चिंता जताई है. एक्स और इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #GaribNagar और #BulletTrain ट्रेंड करने लगे। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



