रांची : झारखंड कैडर के IAS अधिकारी सैयद रियाज अहमद को कथित यौन शोषण मामले में झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी ओर से दायर कवैशिंग याचिका स्वीकार करते हुए खूंटी महिला थाना में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में बड़ा मोड़ आ गया है।



यह मामला वर्ष 2022 का है। IIT की एक छात्रा ने तत्कालीन एसडीएम सैयद रियाज अहमद पर गंभीर आरोप लगाते हुए खूंटी महिला थाना में कांड संख्या 14/22 दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि 1 जुलाई 2022 की रात उनके सरकारी आवास पर आयोजित एक पार्टी के दौरान छात्रा के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया तथा यौन शोषण का प्रयास किया गया।
मामला दर्ज होने के बाद यह घटना प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बनी रही। शिकायत के आधार पर खूंटी पुलिस ने 5 जुलाई 2022 को सैयद रियाज अहमद को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। जमानत मिलने के बाद से ही वह अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
इस दौरान उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा था और सरकार द्वारा निलंबित कर दिया गया था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। इसी आधार पर हाईकोर्ट में प्राथमिकी रद्द करने की याचिका दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद खूंटी महिला थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया। कोर्ट के फैसले के बाद अब इस मामले में सैयद रियाज अहमद के खिलाफ आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।



