दोनों पति-पत्नी को पुलिस मुख्यालय भेजा गया, एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान आयुक्त और डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा संभालेंगे मोर्चा
जमशेदपुर : करणी सेना युवा मोर्चा के सरायकेला-खरसावां जिलाध्यक्ष हिमांशु सिंह हत्याकांड में बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवालों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है। दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। पीयूष पांडेय और निधि द्विवेदी पति-पत्नी हैं।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्वयं आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान आयुक्त तथा डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा जमशेदपुर में कैंप करेंगे और पूरे मामले की जांच व कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ खूनी हमला, सीसीटीवी ने खोली लापरवाही की परतें……
गौरतलब है कि 27 जून की देर रात बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार में डांसर से छेड़खानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। बार के अंदर काफी देर तक मारपीट चली, जिसके बाद दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया गया। बार के नीचे सड़क पर पीसीआर वैन मौजूद थी और पुलिसकर्मी हिमांशु सिंह व उनके साथी प्रत्युष आनंद से बातचीत कर रहे थे।
इसी दौरान दूसरे पक्ष के युवकों ने अचानक चापड़ और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों को रोकने या तत्काल पकड़ने की प्रभावी कोशिश नहीं की गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने सोमवार को टीएमएच में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद रीगल गोलचक्कर पर सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी हुई। देर रात एसएसपी पीयूष पांडेय के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पहले थानेदार और तीन पुलिसकर्मी हुए निलंबित……
घटना के बाद बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे समेत पीसीआर वैन में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिले के शीर्ष पुलिस नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव कर दिया गया है।
पोस्टमार्टम पर अड़े रहे परिजन, गिरफ्तारी से पहले अंतिम संस्कार से इनकार……
मंगलवार रात पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी, सिटी एसपी, एडीएम और सरायकेला के एसडीओ मृतक हिमांशु सिंह के परिजनों से मिलने पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया तथा साक्ष्य मजबूत करने के लिए पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया. हालांकि परिजन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि दबाव में पोस्टमार्टम कराया भी गया तो अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और शव टीएमएच में ही रखा जाएगा। परिजनों के सख्त रुख के बाद अधिकारी बैरंग लौट गए।
डबल डाउन बार सील, भाजपा नेता नीरज सिंह के घर छापा….
घटना के बाद प्रशासन ने भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उपायुक्त के आदेश पर आबकारी विभाग ने भाजपा नेता नीरज सिंह के डबल डाउन बार को विधिवत सील कर दिया है। बार के संचालन, नियमों के पालन और डांसर बुलाने सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. उधर पुलिस ने नीरज सिंह के मानगो स्थित आवास पर भी छापेमारी की, लेकिन वह फरार मिले। पुलिस ने उनकी पत्नी से पूछताछ की है। नीरज सिंह की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
नामजद आरोपियों की तलाश में स्पेशल टीम……
हिमांशु सिंह हत्याकांड में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है। टीम गम्हरिया निवासी राहुल, अमित लोहार, अर्जुन लोहार, गणेश लोहार, लखन मार्डी तथा मानगो निवासी नीरज सिंह और विजय कुमार की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रत्युष की हालत अब भी नाजुक…..
हिमांशु सिंह के साथ गंभीर रूप से घायल हुए उनके साथी प्रत्युष आनंद की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। उनके शरीर पर चापड़ के करीब डेढ़ दर्जन गहरे घाव हैं और उनका इलाज जारी है। प्रत्युष आदित्यपुर के एस-टाइप क्षेत्र के निवासी हैं। बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले उनके माता-पिता गांव चले गए थे और उन्हें भी जाना था, लेकिन किसी कारणवश वह रुक गए थे।
मुख्यमंत्री के फैसले से साफ संदेश…..
हिमांशु सिंह हत्याकांड में मुख्यमंत्री के इस बड़े प्रशासनिक फैसले को पुलिस महकमे के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दे दिया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।

