“प्रशासन की संवेदनशील पहल से गुड़ाबांदा की बेटी पुड़गी मुर्मू का पार्थिव शरीर पहुंच रहा गांव, परिजनों को मिली राहत”
जमशेदपुर : रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर गई पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड की एक युवती की आकस्मिक मौत के बाद जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव तक पहुंचाने की संपूर्ण व्यवस्था की है। प्रशासन की त्वरित पहल से मृतका के परिजनों को कठिन समय में बड़ी राहत मिली है।



प्राप्त जानकारी के अनुसार गुड़ाबांदा प्रखंड के मुचरीशोल गांव निवासी पुड़गी मुर्मू की 13 जून को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और शव को झारखंड लाने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई।
श्रम विभाग ने संभाली पूरी जिम्मेदारी……
मामले की जानकारी मिलते ही श्रम विभाग के अधिकारियों ने राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से संपर्क स्थापित कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कराई। मृतका की पहचान और अन्य औपचारिकताओं की पुष्टि के लिए आंध्र प्रदेश की सहयोगी संस्था माइग्रेंट असिस्टेंस एंड इंफॉर्मेशन नेटवर्क (MAIN) की भी सहायता ली गई।
पोस्टमार्टम के बाद झारखंड के लिए रवाना हुआ शव……
सभी कानूनी प्रक्रियाएं एवं पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद पुड़गी मुर्मू के पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस के माध्यम से झारखंड के लिए रवाना कर दिया गया। प्रशासन की निगरानी में शव को उसके पैतृक गांव पहुंचाया जा रहा है, जहां परिजनों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता……
जिला प्रशासन की ओर से मृतका के माता-पिता को मुख्यमंत्री झारखंड दुर्घटना कोष योजना के तहत स्वीकृत आर्थिक सहायता से संबंधित चेक की प्रति भी उपलब्ध करा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार की ओर से उपलब्ध सभी सहायता परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
लगातार समन्वय में रहा माइग्रेंट कंट्रोल रूम……
पूरे घटनाक्रम के दौरान स्टेट माइग्रेंट कंट्रोल रूम (SMCR) ने परिजनों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा। इससे शव को शीघ्रता से गांव पहुंचाने और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने में सहायता मिली।
ग्रामीणों ने जताया आभार…..
प्रशासन की संवेदनशील पहल और त्वरित कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों एवं परिजनों ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कठिन समय में सरकार द्वारा की गई मदद ने शोकग्रस्त परिवार को बड़ा संबल प्रदान किया है।



